ओला और उबर जैसी कैब सेवाओं के बाद अब बिहार में एक और नया विकल्प मिलने जा रहा है। जल्द ही प्रदेश में बाइक टैक्सी सेवा शुरू होने वाली है। परिवहन विभाग का कहना है कि जैसे ही योजना पर अंतिम मुहर लगेगी, लोग केवल एक फोन कॉल पर घर से बाइक टैक्सी बुक कर पाएंगे और आसानी से अपनी मंज़िल तक पहुँच सकेंगे।
शुरुआत में 76 हजार बाइक को परमिट
परिवहन विभाग और बाइक टैक्सी कंपनियों के बीच समझौते की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। उम्मीद है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह तक एग्रीमेंट फाइनल हो जाएगा। शुरुआती चरण में करीब 76 हजार बाइक को परमिट दिया जाएगा। हर जिले में लगभग 2,000 बाइक टैक्सी चलाई जाएंगी। इससे प्रतिदिन 4 लाख से ज्यादा यात्री इस सेवा का लाभ उठा पाएंगे। इन बाइकों का इस्तेमाल यात्री ढुलाई के साथ-साथ डिलीवरी सर्विस के लिए भी होगा। आगे चलकर योजना को प्रखंड स्तर तक बढ़ाया जाएगा।
युवाओं के लिए रोजगार का अवसर
परिवहन विभाग के मुताबिक, इस योजना से न केवल लोगों को सस्ता और तेज़ सफर मिलेगा, बल्कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा। बाइक टैक्सी कंपनियों को अपने चालकों को प्रशिक्षण देना होगा और यात्रियों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
ऑटो और बस पर निर्भरता होगी कम
परिवहन मंत्री शीला मंडल ने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने के बाद शहर के भीतर 10–15 किलोमीटर की यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। लोगों को अब केवल ऑटो या बस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही, डिलीवरी सर्विस जुड़ने से यह मॉडल स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों को भी सपोर्ट करेगा।
फिलहाल यह सेवा पटना और मुजफ्फरपुर में उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही पूरे बिहार के जिलों में बाइक टैक्सी सुविधा शुरू की जाएगी।