झारखंड में SIR को लेकर तैयारियां तेज, घर-घर जाकर काम करेंगे बीएलओ

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : झारखंड में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राज्य प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने निर्वाचन सदन में आयोजित बैठक में बताया कि यह अभियान पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर चलेगा, ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक और अपडेटेड बनाई जा सके। इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र करेंगे और सूची में आवश्यक सुधार करेंगे।

बीएलओ घर-घर करेंगे फॉर्म वितरण और सत्यापन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर जाएंगे। वे इन्यूमेरेशन फॉर्म वितरित करेंगे, भरे हुए फॉर्म वापस लेंगे और आवश्यक जानकारी भरने में नागरिकों की मदद करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और सूची पूरी तरह अद्यतन रहे।

घरों पर लगाए जाएंगे विशेष स्टीकर

अभियान के दौरान प्रत्येक घर के बाहर विशेष स्टीकर लगाया जाएगा। इस स्टीकर पर घर की संख्या, बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर अंकित होगा। इससे नागरिक सीधे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी।

कोई भी पात्र नागरिक सूची से न छूटे

के. रविकुमार ने बताया कि इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य यह है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से छूट न जाए। इसी कारण पूरे राज्य में चरणबद्ध योजना के तहत गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है, ताकि सूची पूरी तरह अद्यतन और विश्वसनीय बन सके।

राजनीतिक दलों को बीएलए नियुक्त करने की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) जल्द नियुक्त करें। बीएलए स्थानीय स्तर पर बीएलओ के साथ मिलकर सूची के सत्यापन और प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं।

बीएलए को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

सभी बीएलए को प्रशिक्षण भी समय पर दिया जाएगा। प्रशिक्षण में उन्हें गहन पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे जमीनी स्तर पर किसी भी भ्रम या तकनीकी समस्या के बिना काम कर सकें।

एएसडीडी सूची की तैयारी और प्रकाशन

इस प्रक्रिया में एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट (एएसडीडी) से संबंधित सूची भी बनाई जाएगी। बीएलओ इसे बीएलए के साथ सत्यापित करेंगे और फिर संबंधित मतदान केंद्रों पर प्रकाशित किया जाएगा। इससे डुप्लीकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाने में मदद मिलेगी।

पुनरीक्षण प्रक्रिया के सभी चरण

बैठक में अधिकारियों और राजनीतिक दलों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसमें फॉर्म वितरण, ड्राफ्ट प्रकाशन, एएसडीडी सूची तैयार करना, अधिसूचना जारी करना और आपत्तियों की सुनवाई शामिल हैं। निर्वाचन आयोग का मानना है कि इस व्यापक अभियान के माध्यम से मतदाता सूची अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनेगी, जिससे लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी।

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