राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जमशेदपुर में श्री जगन्नाथ मंदिर के भूमि पूजन में लिया भाग, शिक्षा और आध्यात्मिकता पर दिया जोर

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने बुधवार (26 फरवरी, 2026) को Jamshedpur में स्थित Shri Jagannath Temple के भूमि पूजन समारोह में भाग लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र ट्रस्ट, जमशेदपुर द्वारा किया गया।

महाप्रभु जगन्नाथ की कृपा सब पर समान: राष्ट्रपति

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ समस्त ब्रह्मांड के स्वामी हैं और उनकी कृपा बिना किसी भेदभाव के संपूर्ण मानव जाति पर समान रूप से बरसती है। उन्होंने कहा कि आस्था, भक्ति और सामाजिक सद्भाव भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की मूल आत्मा हैं।

कोल्हान क्षेत्र सामाजिक समरसता का उदाहरण

राष्ट्रपति ने कहा कि कोल्हान क्षेत्र जीवंत आदिवासी परंपराओं और देश की अन्य आध्यात्मिक परंपराओं के संगम का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहां के लोगों ने सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखा है और विभिन्न समुदायों के लोग आपसी सद्भाव के साथ जीवन यापन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक सौहार्द महाप्रभु जगन्नाथ के प्रति भक्ति का महत्वपूर्ण आयाम है।

वैश्विक संघर्षों पर चिंता, आध्यात्मिकता की ओर बढ़ता झुकाव

राष्ट्रपति ने विश्वभर में चल रहे युद्ध और संघर्षों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दुखद है, लेकिन साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि विश्व समुदाय में महाप्रभु जगन्नाथ के प्रति श्रद्धा और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान निरंतर बढ़ रहा है। भक्ति और आध्यात्मिकता की ओर लोगों का बढ़ता रुझान इस विश्वास को सुदृढ़ करता है कि महाप्रभु जगन्नाथ विश्व शांति और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

शिक्षा और सेवा को प्राथमिकता देने की अपील

राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में सभी जीवित प्राणियों और प्रकृति के प्रति प्रेम और करुणा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। दान को सबसे बड़ा सद्गुण बताते हुए उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि ट्रस्ट समाज के अपेक्षाकृत कम सुविधा प्राप्त वर्गों के बच्चों की शिक्षा के लिए कार्य कर रहा है।

उन्होंने ट्रस्ट को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी और इन बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर छात्रावास सुविधा विकसित करने का सुझाव भी दिया।

गीता अध्ययन कार्यक्रम से होगा चरित्र निर्माण

राष्ट्रपति ने ट्रस्ट द्वारा Bhagavad Gita के अध्ययन हेतु प्रस्तावित आवासीय शिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवा पीढ़ी की आध्यात्मिक जागृति, चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास में अमूल्य योगदान देगी।

समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय गणमान्य नागरिक और ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति के आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा।

Share This Article