NEWS PR डेस्क: पटना: जिलाधिकारी, पटना ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम और बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम (आरटीपीएस) से संबंधित मामलों की व्यापक समीक्षा की। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप जिले में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने सभी लोक प्राधिकारों और अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ जन-कार्यों के प्रति संवेदनशीलता सुनिश्चित करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरटीपीएस के तहत लाभुकों को लोक-कल्याणकारी योजनाओं की राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राशन कार्ड निर्माण में विलंब को भी अस्वीकार्य बताया गया।
लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत लगाए गए दंड की राशि संबंधित लोक प्राधिकारों द्वारा तीन दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, सुनवाई के दौरान लोक प्राधिकारों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। आरटीपीएस के अंतर्गत लंबित और एक्सपायर्ड मामलों पर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी तथा राजस्व मामलों में भूमि सुधार उप समाहर्ता को दोषी लोक प्राधिकारों के विरुद्ध विधिवत दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के लिए प्रत्येक अंचल में अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष की संयुक्त शनिवारीय बैठक नियमित और प्रभावी ढंग से आयोजित करने को कहा गया। साथ ही, अनुमंडल पदाधिकारियों को हर शनिवार अपने क्षेत्र के किसी एक अंचल में बैठक में भाग लेकर भूमि विवादों के निष्पादन की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि केवल परिवादों का निष्पादन पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोक शिकायतों का वास्तविक निवारण और जनता की संतुष्टि सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।