पटना पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल: दुष्कर्म मामले में बिना ठोस जांच के निर्दोष को भेजा जेल? परिजनों ने लगाई जल्दबाज़ी में कार्रवाई की आरोप

Puja Srivastav

NEWSPR डेस्क। पटना पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। पटना सिटी के मेहंदीगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की सही जांच किए बिना ही एक निर्दोष युवक को जेल भेज दिया, जबकि वास्तविक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। परिजनों का दावा है कि पुलिस ने मामले को जल्दबाजी में निपटाने की कोशिश की है।

क्या है मामला?
14 दिसंबर को मेहंदीगंज थाना क्षेत्र की 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची ने अपने मुंह बोले चाचा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। नाबालिग का आरोप था कि आरोपी रिश्ते का भरोसा दिलाकर उसे मौसी के घर ले जाने के बहाने घर से बाहर बुलाया और सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म किया। वारदात के बाद जान से मारने की धमकी भी दी गई। नाबालिग की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पोक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

सीसीटीवी फुटेज से उठे नए सवाल
घटना के बाद सामने आए एक सीसीटीवी फुटेज ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। आरोपी के परिजनों का दावा है कि फुटेज में एक युवक नाबालिग के साथ घूमता हुआ दिखाई दे रहा है। आरोप है कि नाबालिग ने उसी युवक के साथ घूमने की बात मुंह बोले चाचा द्वारा परिवार में बताने पर नाराज़ होकर उन पर झूठा दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने फुटेज की स्पष्ट जांच किए बिना ही युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

थाना प्रभारी और सिटी एसपी ने क्या कहा?
मेहंदीगंज थाना प्रभारी पूजा कुमारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे युवक का चेहरा स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा मामला गंभीर है और इसकी सटीक जांच जारी है। वहीं सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने भी कहा कि पुलिस वैज्ञानिक तरीके से पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

परिजन जाएंगे उच्चाधिकारियों और कोर्ट तक
गिरफ्तार युवक के परिजनों ने साफ कहा है कि वे इस “गलत गिरफ्तारी” के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लेकर अदालत तक अपनी शिकायत लेकर जाएंगे।

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