बिहार के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था का कायाकल्प: छात्र भी लगाएंगे बायोमीट्रिक हाजिरी, हर प्रखंड में बनेगा करियर सेंटर

Patna Desk
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पटना |15 जून 2025:
बिहार की शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में सिर्फ शिक्षक ही नहीं, बल्कि छात्र-छात्राएं भी बायोमीट्रिक मशीन के ज़रिए अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। यह निर्णय छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने यह जानकारी ‘शिक्षा की बात: हर शनिवार’ कार्यक्रम के दौरान साझा की।


🏫 हर प्रखंड में करियर सेंटर, प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी

शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार 538 प्रखंडों में आवासीय करियर सेंटर शुरू करने जा रही है। यहां पर सरकारी स्कूलों के शिक्षक विद्यार्थियों को मेडिकल, इंजीनियरिंग, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाएंगे।

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इन केंद्रों में केवल किताबों तक सीमित पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि छात्रों को करियर काउंसलिंग और व्यवहारिक कौशल भी सिखाए जाएंगे।


📰 बच्चों के लिए तीन स्तरों पर प्रकाशित होगी मासिक पत्रिका

छात्रों के रचनात्मक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा विभाग हर कक्षा समूह के लिए मासिक पत्रिका प्रकाशित करेगा:

  • कक्षा 1 से 5
  • कक्षा 6 से 8
  • कक्षा 9 से 12

हर स्कूल की लाइब्रेरी में इन पत्रिकाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और शिक्षक भी इसे छात्रों को पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। 9वीं से 12वीं के लिए प्रकाशित अंक में करियर, विज्ञान, और सामान्य ज्ञान से जुड़ी जानकारी भी शामिल होगी।


🚫 प्राइवेट कोचिंग में पढ़ाने पर शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

डॉ. सिद्धार्थ ने स्पष्ट किया कि अगर कोई शिक्षक निजी कोचिंग संस्थानों में पढ़ाते पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, हर स्कूल में सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध हों, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी विषय का शिक्षक किसी विद्यालय में नहीं है, तो नजदीकी स्कूल से शिक्षक को अस्थायी रूप से वहां भेजा जाएगा।


🗺️ हर छात्र को मिलेगा एटलस, मानचित्र पढ़ने की मिलेगी ट्रेनिंग

छात्रों की वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से हर स्कूल में एटलस उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षक छात्रों को मैप रीडिंग भी सिखाएंगे। इससे उनकी जियोग्राफिकल और विजुअल लर्निंग स्किल बेहतर होगी।


📅 एकीकृत शैक्षणिक कैलेंडर और टी.सी. की सुविधा

पंजीकरण से लेकर सेंट-अप परीक्षा तक, अब बिहार शिक्षा विभाग और बिहार बोर्ड मिलकर संयुक्त शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करेंगे, जिससे छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान न हो। साथ ही, 10वीं के बाद छात्र चाहें तो उसी स्कूल में 11वीं-12वीं की पढ़ाई कर सकते हैं। अन्य स्कूल में दाखिला चाहने वाले छात्रों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (T.C.) दिया जाएगा।


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