NEWS PR डेस्क: होली का त्योहार नजदीक आते ही बिहार लौटने वाले प्रवासी कामगारों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने बड़ी राहत की घोषणा की है। निगम 15 फरवरी से 15 मार्च तक विशेष फेस्टिवल बस सेवा संचालित करेगा, जिससे यात्रियों को ट्रेनों की भीड़ और टिकट की किल्लत से निजात मिलेगी।
इस फेस्टिवल बस योजना के तहत करीब 200 अंतरराज्यीय बसें चलाई जाएंगी। इनमें एसी डीलक्स और नॉन-एसी डीलक्स दोनों तरह की बसें शामिल होंगी। बीएसआरटीसी के अनुसार, इन बसों की टिकट बुकिंग 1 फरवरी से शुरू होगी और यात्री ऑनलाइन माध्यम से आसानी से अपनी सीट आरक्षित कर सकेंगे।
बीएसआरटीसी की ये बसें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे प्रमुख राज्यों के रूटों पर संचालित होंगी। प्रत्येक बस में 50 से 60 सीटों की क्षमता होगी, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। निगम ने यह भी संकेत दिया है कि किराए को आम लोगों की पहुंच में रखने के लिए राज्य सरकार की ओर से विशेष छूट की योजना तैयार की जा रही है।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में स्वच्छता और सुरक्षित यात्रा के सभी इंतजाम किए जाएंगे। बस पड़ावों पर पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध रहेगी। टिकट बुकिंग पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसे यात्री बीएसआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट bsrtc.bihar.gov.in के माध्यम से कर सकेंगे। भुगतान के लिए यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे विकल्प मौजूद होंगे।
बीएसआरटीसी ने पिछले साल के अनुभव से सीख लेते हुए इस योजना को और सशक्त बनाया है। पिछले फेस्टिवल सीजन में 220 अंतरराज्यीय बसें चलाई गई थीं, जिनसे 20 सितंबर से 19 नवंबर 2025 के बीच करीब 2.50 लाख यात्रियों ने सफर किया। उस दौरान रोजाना औसतन 107 बसें संचालित हुईं और सीटों की भराव दर 81 प्रतिशत रही। आठ हजार से अधिक टिकट ऑनलाइन बुक किए गए थे, जिससे इस योजना की लोकप्रियता साफ झलकती है।
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि त्योहारों के समय प्रवासी कामगारों और छात्रों को ट्रेनों में भारी भीड़ और टिकट की कमी का सामना करना पड़ता है। उनकी सुविधा के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। होली के अवसर पर शुरू की जा रही फेस्टिवल बस सेवा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे लोग सुरक्षित, सम्मानजनक और आरामदायक तरीके से अपने घर पहुंच सकेंगे।
बीएसआरटीसी की इस पहल से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि सड़क परिवहन व्यवस्था पर भरोसा भी बढ़ेगा। प्रवासी कामगार, छात्र और नौकरीपेशा लोग अब डिजिटल माध्यम से आसानी से बस टिकट बुक कर भीड़भाड़ से बचते हुए होली पर अपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगे। निगम ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसी वजह से फेस्टिवल बस सेवा का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत किया जाएगा।