पटना में ट्रैफिक जाम से राहत: नया जोन-वाइज कलर कोडिंग सिस्टम होगा लागू

Patna Desk

पटना में ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए जिला प्रशासन ने एक नई योजना लागू करने का फैसला किया है, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगी। इस योजना के तहत, शहर को तीन जोनों—ग्रीन, येलो और ब्लू—में विभाजित किया गया है, जिससे यातायात का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और यात्रियों को सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा।ग्रीन जोन:यह जोन पटना के पूर्वी और मध्य भाग को कवर करेगा, जिसमें पटना जंक्शन, लोहानीपुर, खेमनीचक और कंकड़बाग जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र में 6550 ऑटो चलते हैं, लेकिन अब केवल 5240 ऑटो को अनुमति दी जाएगी।

येलो जोन:यह पटना के पश्चिमी इलाकों को समेटेगा, जहां प्रतिदिन लगभग 25,000 यात्री सफर करते हैं। पहले इस क्षेत्र में 4350 ऑटो संचालित होते थे, लेकिन अब यह संख्या घटाकर 3480 कर दी गई है। प्रमुख स्थानों में राजाबाजार, आशियाना और जगदेव पथ शामिल हैं।ब्लू जोन:इस जोन में केवल सात स्थानों—जीपीओ, गर्दनीबाग, अनिसाबाद आदि—पर ऑटो और ई-रिक्शा का परिचालन होगा।

नियंत्रित यातायात और पार्किंग व्यवस्था:शहर में ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने प्रमुख स्थानों पर पार्किंग स्थलों की भी व्यवस्था की है। चीना कोठी, गांधी मैदान रैन बसेरा, जीपीओ और अगमकुआं जैसे स्थानों पर नए पार्किंग क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं, जिससे सड़क किनारे बेतरतीब वाहनों की पार्किंग रोकी जा सकेगी।

इस योजना के लाभ:जाम में कमी: यातायात अधिक व्यवस्थित होने से सड़क पर जाम की समस्या कम होगी।बेहतर यात्री अनुभव: यात्रियों को यह स्पष्ट होगा कि उन्हें किस जोन से यात्रा करनी है।

प्रभावी परिवहन प्रबंधन: ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन को नियंत्रित करने से यातायात सुचारू रहेगा।

सड़क सुरक्षा: पार्किंग स्थलों के निर्माण से अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या घटेगी।पटना में यह नया रंग-कोड आधारित ट्रैफिक प्रबंधन सिस्टम शहर की सड़कों को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।

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