बिहार में राजस्व कर्मियों को मिलेगा अमीन कार्यों का प्रशिक्षण, तय होंगी नई जिम्मेदारियां

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क :बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में राज्य के सभी 4904 राजस्व कर्मचारियों को नई और अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी जाने की तैयारी है। अब राजस्व कर्मचारी अमीन के कार्यों की बारीकियां भी सीखेंगे, ताकि भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को तेज और पारदर्शी बनाया जा सके।

इसके तहत बिहार के सभी राजस्व कर्मचारियों को 15 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें अमीन के कामकाज से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इस ट्रेनिंग के दौरान जमीन मापी की पुरानी पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल की भी जानकारी दी जाएगी, ताकि कर्मचारी व्यावहारिक रूप से सक्षम बन सकें।

सरकार का उद्देश्य है कि जमीन मापी से जुड़े मामलों में देरी को खत्म किया जाए और भूमि विवादों का समाधान तेजी से हो। इसी को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

नई व्यवस्था के तहत राजस्व कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड तैयार करना, राजस्व की वसूली, भूमि स्वामित्व और ट्रांसफर से जुड़े कार्य जैसे दाखिल-खारिज और जमाबंदी निर्माण में अहम भूमिका निभाना शामिल होगा। इसके अलावा संपत्ति और भूमि विवादों के निपटारे में सहयोग करना और सरकारी जमीन से जुड़ी जानकारी एकत्र करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।

इधर, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा इन दिनों जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जिलों का दौरा कर रहे हैं। शनिवार को वे दरभंगा पहुंचे, जहां उन्होंने कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी। जनसंवाद के दौरान एक महिला फरियादी ने बताया कि वह पिछले एक साल से दाखिल-खारिज के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है और हर बार उससे खर्च-पानी की मांग की जाती है।

महिला दीपा ने यह भी बताया कि उनके पिता पैरालाइसिस से पीड़ित हैं, जिससे इलाज और रोजमर्रा की जिम्मेदारियां उनके लिए भारी बोझ बन गई हैं। उनकी आपबीती सुनते ही उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा सख्त हो गए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मार्च तक कर्मचारियों के कामकाज में सुधार नहीं हुआ तो नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। मंच से उन्होंने साफ कहा कि यह अंतिम चेतावनी है और व्यवस्था में सुधार जरूरी है।

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