NEWS PR डेस्क: जी. डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया में शुक्रवार को ‘सुरक्षित बचपन – बोलो, बताओ, बचाओ’ अभियान के तहत बच्चों की व्यक्तिगत सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रातः 9:00 बजे से 10:00 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय अच्छे एवं बुरे स्पर्श की पहचान तथा स्वयं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता था।
कार्यक्रम में आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ता रवि कुमार एवं एम. डी. अफताब राजा ने विद्यार्थियों को सरल एवं प्रभावशाली तरीके से अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाया। उन्होंने बच्चों को अपने शरीर की सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं, निजता एवं आत्मसम्मान के महत्व से अवगत कराया। साथ ही बताया कि किसी भी असहज या अनुचित परिस्थिति में चुप रहने के बजाय निडर होकर अपनी बात कहनी चाहिए तथा तुरंत अपने अभिभावकों या शिक्षकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
इस अवसर पर विद्यालय की निदेशक-प्रधानाचार्या पुलोमा नंदी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शरीर एवं व्यक्तिगत सीमाओं का सम्मान करने तथा किसी भी असहज परिस्थिति में बिना डर के अपने अभिभावकों और शिक्षकों से बात करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपप्रधानाचार्य राज कुमार दास, प्रशासक प्रीतम दास, पूर्व-प्राथमिक समन्वयक इंद्राणी मुखर्जी एवं प्राथमिक समन्वयक विवेक गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के समापन पर उपप्रधानाचार्य राज कुमार दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं आत्मविश्वासी बनाना भी अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ‘बोलो, बताओ, बचाओ’ का संदेश देते हुए यह समझाया गया कि जागरूकता, संवाद और आत्मविश्वास ही सुरक्षित बचपन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।