NEWS PR डेस्क: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुए व्यवहार को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा की अनदेखी है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सिलीगुड़ी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के लिए कार्यक्रम स्थल को छोटा कर दिया गया और राष्ट्रपति के आगमन पर न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य सरकार का कोई मंत्री उन्हें रिसीव करने पहुंचा। उन्होंने कहा कि इस घटना पर स्वयं राष्ट्रपति ने भी दुख जताते हुए कहा कि क्या ममता दीदी उनसे नाराज हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि यह केवल राष्ट्रपति का ही नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय और राष्ट्र के सर्वोच्च पद का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर होता है और इसकी गरिमा का सम्मान हर परिस्थिति में होना चाहिए। सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने निकृष्ट राजनीति का उदाहरण पेश किया है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को ठेस पहुंची है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखना सभी राज्यों की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर व्यवहार किया जाना चाहिए।