NEWS PR डेस्क :सावन की पहली सोमवारी पर राजधानी पटना समेत पूरे बिहार में शिवभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। सुबह से हो रही रुक-रुककर बारिश ने मानो प्रकृति को भी भगवान शिव के जलाभिषेक में सहभागी बना दिया है। बारिश के बावजूद शिवालयों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं और पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” व “बोल बम” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा है।

राजधानी के महावीर मंदिर, गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी, कदमकुआं चूड़ी मार्केट शिव मंदिर, खाजपुरा शिव मंदिर, कंकड़बाग पंचशिव मंदिर सहित कई प्रमुख शिवालयों को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक फूलों से सजाया गया है। मंदिर परिसरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना कर रहे हैं।
पहली सोमवारी का दुर्लभ संयोग
इस बार सावन की पहली सोमवारी का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ संयोग बन रहा है। इसी दिन से 16 सोमवारी व्रत की भी शुरुआत हो रही है। वहीं, मिथिलांचल का प्रसिद्ध लोकपर्व मधुश्रावणी भी आज से आरंभ हो गया है, जिसका समापन 15 अगस्त को होगा।
सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यता है कि सावन मास में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का फल कई गुना अधिक मिलता है। पहली सोमवारी पर दूध, गंगाजल और बेलपत्र अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रद्धालु महामृत्युंजय मंत्र, रुद्राभिषेक, शिव पंचाक्षर मंत्र, शिव महिम्न स्तोत्र, रुद्राष्टक और शिव तांडव स्तोत्र का पाठ कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शिव उपासना जीवन के कष्टों को दूर कर सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करती है।
