SBI Data Leak: 3,897 ग्राहकों की जानकारी सामने आई, बैंक ने क्या कहा?

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क :देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में शामिल भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में बताया है कि शुरुआती जांच के दौरान 3,897 ग्राहकों से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी डार्क वेब पर पाई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक ने साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं और डेटा के स्रोत तथा संभावित नुकसान का पता लगाया जा रहा है।

ग्राहकों की कौन-कौन सी जानकारी सामने आई?
SBI के मुताबिक, डार्क वेब पर मिले रिकॉर्ड में ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल आईडी, घर के पते, बैंक शाखा से जुड़ी जानकारी और अन्य पहचान संबंधी विवरण शामिल हैं। इनमें ग्राहक सूचना फाइल से जुड़े पहचान नंबर, लीड आईडी और कर्ज से संबंधित रिकॉर्ड भी बताए गए हैं।बैंक अब इन रिकॉर्ड की प्रामाणिकता की जांच कर रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि डेटा कहां से आया और कुल कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई है।
16 अक्टूबर को मिली थी सूचना
SBI ने बताया कि उसे 16 अक्टूबर को डिफेंस साइबर एजेंसी (DCyA) और इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) की ओर से ग्राहकों के डेटा के संभावित रूप से डार्क वेब पर मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद बैंक ने संबंधित रिकॉर्ड की जांच शुरू की और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम उठाए।बैंक का कहना है कि इस घटना से उसकी मुख्य बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय प्रदर्शन और सामान्य कारोबारी गतिविधियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
हैकर ग्रुप के दावे की भी चर्चा
इससे पहले Siriusim नाम के एक हैकर ग्रुप ने BreachForums पर SBI के करीब 3.75 लाख ग्राहकों का डेटा हासिल करने का दावा किया था। हालांकि, बैंक ने अपनी आधिकारिक फाइलिंग में किसी हैकर ग्रुप का नाम नहीं लिया है। SBI की शुरुआती जांच में डार्क वेब पर 3,897 ग्राहकों से जुड़ी जानकारी मिलने की बात कही गई है। दोनों आंकड़ों के बीच अंतर को देखते हुए डेटा लीक के वास्तविक पैमाने की पुष्टि होना अभी बाकी है।
SBI ग्राहकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
ग्राहकों को बैंक के नाम पर आने वाले संदिग्ध फोन कॉल, SMS और ईमेल से सतर्क रहना चाहिए। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और OTP, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।फिलहाल SBI मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। डेटा के स्रोत, लीक की वास्तविक सीमा और ग्राहकों पर संभावित प्रभाव को लेकर स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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