NEWS PR डेस्क: दरभंगा, 26 मई। बिहार सरकार द्वारा जिले में वैज्ञानिक विधि से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से मत्स्य निदेशालय, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार तथा बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (BAIP) के संयुक्त सहयोग से जिले के 09 मत्स्य पालकों को उन्नत प्रजाति के स्पॉन उपलब्ध कराए गए।
प्रथम चरण में किसानों को 21 लाख जयंती रोहू एवं 18 लाख अमृत कतला के उन्नत स्पॉन ICAR-CIFA के अधिकृत मल्टीप्लायर के माध्यम से वितरित किए गए। इस दौरान जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार, BAIP टीम के राहुल कुमार एवं स्वाती चौधरी उपस्थित रहे।

जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि जयंती रोहू एवं अमृत कतला उच्च उत्पादन क्षमता वाली उन्नत मत्स्य प्रजातियां हैं, जिन्हें वैज्ञानिक चयन प्रजनन तकनीक से विकसित किया गया है। इनकी वृद्धि दर सामान्य प्रजातियों की तुलना में अधिक बेहतर मानी जाती है, जिससे किसानों को कम समय में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से जिले में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिलेगी तथा किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही विभाग किसानों को हरसंभव तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं BAIP टीम के राहुल कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में उन्नत मत्स्य प्रजातियों का विस्तार करना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे बेहतर उत्पादन हासिल कर अधिक लाभ अर्जित कर सकें।
कार्यक्रम से जुड़े किसानों ने सरकार एवं मत्स्य विभाग की इस पहल पर खुशी जताई। किसानों का कहना है कि उन्नत स्पॉन मिलने से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आय में सकारात्मक बदलाव आएगा। किसानों ने मत्स्य विभाग एवं BAIP के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।