कार्य में लापरवाही बरतने को लेकर एसपी ने किया थानेदार को निलंबित

Patna Desk

कैमूर, भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से बीते गुरुवार को एक युवक के साथ तीन नाबालिग लड़कियों के गायब होने की बात सामने आई थी। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार द्वारा थाने में आवेदन देकर गायब हुई नाबालिग लड़कियों के बरामदगी एवं उन्हें गायब करने वाले युवक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हेतु थाने में आवेदन दिया गया था। जिसपर थानाध्यक्ष उदय कुमार द्वारा तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। जिसकी सूचना पर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने भभुआ सर्किल इंस्पेक्टर संतोष कुमार को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया। जांच में थानाध्यक्ष उदय कुमार द्वारा इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने व त्वरित कार्रवाई नहीं करने की सत्यता की पुष्टि पाई गई। जिसका रिपोर्ट सामने आने के तत्काल बाद शनिवार की शाम पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने थानाध्यक्ष उदय कुमार को प्रभाव से तुरंत सस्पेंड कर दिया, साथ हीं एडिशनल एसएचओ सुनील कुमार के हाथों में फिलहाल थाने का बागडोर सौंप दिया।

वहीं पुलिस अधीक्षक के आदेश पर स्थानीय पुलिस ने पीड़ित परिवार के आवेदन पर एफआईआर दर्ज करते हुए तत्काल कार्रवाई में जुट गई। फिर अपर थानाध्यक्ष रंजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने रामगढ़ पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि के सहयोग से गायब हुई लड़कियों के लोकेशन को प्राप्त कर शनिवार की शाम उनमें से दो लड़कियों को कुदरा थाना क्षेत्र के लालापुर गांव से बरामद किया। वहीं लड़कियों को गायब करने वाले युवक के घर पर पहुंचकर पुलिस द्वारा दबीश दी गई। लिहाजा रविवार की सुबह शेष रह गई तीसरी लड़की के साथ स्थानीय थाने में खुद को सरेंडर कर दिया। खबर लिखे जाने तक बरामद नाबालिग लड़कियों से संबंधित कागजी कार्यवाही तथा आत्मसमर्पण करने वाले युवक के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया जारी थी।पहुंच होने के वजह से बचते रहे थानाध्यक्ष उदय कुमार/इससे पूर्व भी भगवानपुर थानाध्यक्ष उदय कुमार कई बार सुर्खियों में रहे हैं। बताया जाता है कि विगत वर्ष के सितंबर माह में भगवानपुर-चैनपुर थाना क्षेत्र सीमा अंतर्गत खोर्राडिह गांव निवासी एक निर्धन किसान जब रात के वक्त बगल के सिवाना में स्थित धान के खेत का मेंढ़ बांध रहा था, तभी उसे किसी जहरीले सांप ने उसे डंस लिया था। लिहाजा वह इस घटना की सूचना खुद के परिजनों को करने व इलाज के लिए बेचैनी में दौड़ते हुए अपने घर लौट रहा था, तभी भगवानपुर थाने की एक डायल 112 नंबर की पुलिस ने उसे रोक लिया था तथा उसपर शराब पीने की बात कहकर उससे पैसे लेने की जिद पर पुलिस अड़ी हुई थी। फिर हुआ यह था कि सांप काटने से पीड़ित किसान को सही समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी। और देखते हीं देखते यह मामला तूल पकड़ लिया था। इस मामले को लेकर तत्कालीन एसपी ललित मोहन शर्मा ने इस मामले में थानाध्यक्ष उदय कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की थी। दरअसल उस डायल नंबर 112 पुलिस वाहन पर कोई पदाधिकारी नहीं था, बल्कि एक ड्राइवर व एक होमगार्ड का जवान था।

दरअसल एसपी ने स्पष्टीकरण में इस जवाब की मांग की थी कि बगैर किसी पदाधिकारी के डायल 112 नंबर की टीम क्यूं गश्त कर रही थी। तब भी थानाध्यक्ष उदय कुमार के विरुद्ध कोई विशेष कार्यवाही नहीं हुई थी, तब आमजनों में यह चर्चा था कि हो ना हो इस तरह के गंभीर मामले में भी बच जाने का वजह उपर तक पहुंच होना है। यहां तक कि एक थानाध्यक्ष उदय कुमार के हीं कार्यकाल में विगत पैक्स चुनाव संपन्न होने के अगले दिन विजय का डीजे जुलूस घुमाने के दौरान नौगढ़ गांव में पुलिस पर हमला हुआ था, उधर मीडियाकर्मियों के माध्यम से ग्रामीणों ने भी पुलिस पर बेकसूरों के घरों के दरवाज़ों को तोड़-फोड़ कर घरों में घुसने और उन्हें बेवजह गिरफ्तार करने का आरोप लगाया गया था। यही नहीं वर्तमान एसपी हरिमोहन शुक्ला के रीजन में भी लगभग डेढ़ महीना पहले एक शराबी को शराब पीने के मामले में थाने ले जाकर पैसा लेकर उसे आधी रात में ही छोड़ दिया गया जब इस बात का भनक बरीये पुलिस को लगी तो उसने सुबह शराबी को घर से बुलाकर न्यायालय की प्रक्रिया पूरी कराई गई। जबकि उस मामले का भभुआ सदर एसडीपीओ शिव शंकर कुमार द्वारा जांच की गई थी तो सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट कर दिया गया था फिर भी तत्कालीन थाना अध्यक्ष उदय कुमार पर कार्रवाई नहीं की गई थी।थानाध्यक्ष के निलंबन के कारण के बारे में पूछने पर एसडीपीओ शिवशंकर कुमार ने बताया कि भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से तीन नाबालिग लड़कियों के गायब होने के मामले में पीड़ित परिवार द्वारा थाने में आवेदन दिया गया था, जिसके कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

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