NEWS PR डेस्क: पटना, 13 अप्रैल । बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों को रोशन करने के उद्देश्य से चल रही मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की प्रगति और गुणवत्ता को लेकर पंचायती राज विभाग अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायतों में लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइट्स का नियमित अनुश्रवण और बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
सोमवार को निदेशक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें Bihar Renewable Development Agency (BREDA) के मुख्य अभियंता, विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि और Amnex Infotechnologies Pvt Ltd के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में योजना की प्रगति, अधिष्ठापन की स्थिति और रख-रखाव व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
महीने के अंत तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश
निदेशक ने स्पष्ट कहा कि जिन एजेंसियों ने अभी तक शत-प्रतिशत सोलर स्ट्रीट लाइट्स का अधिष्ठापन पूरा नहीं किया है, वे हर हाल में इस महीने के अंत तक अपना कार्य पूर्ण करें। उन्होंने पदाधिकारियों को इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
सर्विस सेंटर नियमित रूप से चलाने पर जोर
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सोलर स्ट्रीट लाइट्स के रख-रखाव के लिए बनाए गए सर्विस सेंटर नियमित रूप से संचालित हों। साथ ही, उनकी भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध संसाधन और सुविधाओं से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को सौंपने के लिए एजेंसियों को कहा गया।
डिजिटल मॉनिटरिंग और शिकायत निवारण पर फोकस
विभाग ने सोलर स्ट्रीट लाइट्स के अनुश्रवण के लिए केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम (CMS) विकसित किया है, जिसके माध्यम से शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए Amnex Infotechnologies को एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा, सभी खंभों पर व्हाट्सएप नंबर अंकित करने और MGSSLY_CMS मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि आम लोग सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकें।
अधिकारियों की मौजूदगी
इस बैठक में संयुक्त सचिव शम्स जावेद अंसारी समेत पंचायती राज विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मी भी उपस्थित रहे।
ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
निदेशक ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल लाइट लगाना नहीं, बल्कि उसे लंबे समय तक चालू और उपयोगी बनाए रखना है। बेहतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा, सुविधा और विकास को नई गति मिलेगी।