NEWS PR डेस्क: बिहार की धरती ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। औरंगाबाद जिले के एक छोटे से गांव से निकले युवा उद्यमी सुमन शेखर ने असम विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाकर नई मिसाल कायम की है। उनके नेतृत्व में विकसित की गई एआई आधारित तकनीक की सराहना खुद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की है।
ALISA एप से बदली विधानसभा की तस्वीर:
सुमन शेखर की टीम ने AI और मशीन लर्निंग पर आधारित ‘ALISA’ नामक एप्लिकेशन तैयार किया है। यह एप हिंदी, अंग्रेजी, असमिया और बोडो भाषाओं में संवाद करने में सक्षम है। इसके जरिए असम विधानसभा के वर्ष 1937 से अब तक के सभी ऐतिहासिक दस्तावेज, सदन की कार्यवाही और अहम रिकॉर्ड्स को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया गया है। अब एक क्लिक पर टैबलेट में पूरा डेटा देखा जा सकता है।
सुमन ने इस तकनीक का डेमो मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को दिया, जिसे देखकर वे काफी प्रभावित हुए और टीम की खुलकर सराहना की।
कौन हैं सुमन शेखर?
सुमन शेखर औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा प्रखंड के चिरइयांटांड़ गांव के निवासी हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बढ़े सुमन ने प्रारंभिक शिक्षा अंबा क्षेत्र में पूरी की। इसके बाद सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज से इंटरमीडिएट करने के बाद वे जयपुर गए, जहां से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। नौकरी करने के बजाय उन्होंने उद्यमिता का रास्ता चुना।
क्या करती है उनकी कंपनी?
गुरुग्राम में सुमन ने ‘Abhastra Foundation’ की स्थापना की। उनकी कंपनी शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, रेलवे और सरकारी तकनीकी समाधान के क्षेत्र में काम करती है। साथ ही राजनीतिक और प्रशासनिक तंत्र में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी कई नवाचार कर चुकी है।
तकनीक के साथ प्रकृति से जुड़ाव:
सुमन शेखर केवल टेक्नोलॉजी उद्यमी ही नहीं, बल्कि प्रकृति प्रेमी भी हैं। वे अपने गांव में पक्षियों के लिए लकड़ी के घोंसले लगवाने, पौधारोपण अभियान चलाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने जैसे कार्यों में सक्रिय रहते हैं।
अपनी सफलता का श्रेय वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और मित्रों को देते हैं। आज सुमन शेखर बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।