NEWS PR डेस्क:: गया पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि तकनीक और सतर्कता के दम पर खोई हुई खुशियां वापस लौटाई जा सकती हैं। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत जिला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 20.50 लाख रुपये कीमत के 68 गुम और चोरी हुए स्मार्टफोन बरामद किए हैं। सोमवार को इन सभी मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।

एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि बरामद किए गए 68 स्मार्टफोन की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख 50 हजार रुपये है। उन्होंने कहा कि गया पुलिस लगातार तकनीकी सर्विलांस के जरिए गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रेस कर रही है और उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाने का अभियान निरंतर जारी है।
पहले भी लौटाए जा चुके हैं सैकड़ों मोबाइल
एसएसपी ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब गया पुलिस ने इस तरह की सफलता हासिल की हो। इससे पहले भी बड़ी संख्या में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। पुलिस भविष्य में भी इस अभियान को लगातार जारी रखेगी।एसएसपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए या चोरी हो जाए तो सबसे पहले अपने नजदीकी थाने में सनहा (GD Entry) दर्ज कराएं। यह मोबाइल रिकवरी की प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है।
CEIR पोर्टल का करें इस्तेमाल
उन्होंने बताया कि मोबाइल धारकों को भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर भी अपने गुम या चोरी हुए मोबाइल की जानकारी दर्ज करनी चाहिए। इसके लिए मोबाइल का IMEI नंबर, मॉडल, कंपनी का नाम और थाने में दर्ज कराए गए सनहा की प्रति अपलोड करनी होती है।
ऐसे मिलेगा मोबाइल का लोकेशन अलर्ट
एसएसपी के अनुसार, CEIR पोर्टल पर जानकारी दर्ज होने के बाद यदि कोई अन्य व्यक्ति उस मोबाइल का इस्तेमाल करता है तो सिस्टम के माध्यम से इसकी सूचना मूल मालिक और संबंधित पुलिस थाने को मिल जाती है। इससे पुलिस के लिए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करना और उसे बरामद करना आसान हो जाता है। साथ ही मोबाइल चोरी में शामिल अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में भी मदद मिलती है।
गया पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत कानूनी प्रक्रिया अपनाएं, ताकि तकनीक की मदद से मोबाइल को जल्द से जल्द रिकवर किया जा सके। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
