विजयादशमी के पर्व पर बिहार की सियासत गरमा गई है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए राज्य की प्रमुख समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने बेरोजगारी, गरीबी, पलायन और अपराध समेत दस चुनौतियों को रावण के दस सिरों से जोड़ते हुए कहा कि बिहार को इन बुराइयों से मुक्त करना ही असली विजय होगी। तेजस्वी ने लोगों से अपील की कि इस दशहरा केवल रावण के पुतले का दहन न करें, बल्कि राज्य को पिछड़ेपन और कुशासन से बाहर निकालने का संकल्प भी लें।

बिहार की समस्याओं को बताया रावण के दस सिर
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर साझा अपने संदेश में बेरोजगारी, अशिक्षा, गरीबी, पलायन, अपराध, भ्रष्टाचार, अफसरशाही, बाढ़, सुखाड़ और कुशासन को बिहार का ‘दशानन’ बताया। उनके मुताबिक, ये समस्याएं राज्य के विकास में बाधा बन रही हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इस पर्व पर इन बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लिया जाए।
तेजस्वी यादव ने बिहार की प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण युवाओं के दूसरे राज्यों में जाने, महिलाओं में एनीमिया और बच्चों में बौनेपन जैसी समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि हर साल करीब चार करोड़ बिहारवासी रोजगार की तलाश में पलायन करते हैं। यह आंकड़ा उनके बयान के हवाले से है।
‘पढ़ाई, दवाई और कमाई’ वाली व्यवस्था की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां लोगों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार मिल सके तथा उनकी शिकायतों पर समय पर सुनवाई और कार्रवाई हो।तेजस्वी यादव ने अंत में प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को बिहार की समस्याओं के खिलाफ संकल्प लेने का अवसर बताते हुए राज्य में खुशहाली और विकास की दिशा में बदलाव की अपील की।