दानापुर, 25 अक्टूबर 2026: बिहार रेजिमेंट केंद्र, दानापुर में चल रहे 31वें द्विवार्षिक सम्मेलन एवं 15वीं रीयूनियन के अवसर पर आज देशभक्ति, सैन्य परंपरा, वीरता और सैनिक परिवारों के प्रति सम्मान की भावना से ओतप्रोत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय ध्वज का अनावरण, मेजर जनरल जय सिंह बैंसला, सेना मेडल कर्नल ऑफ द बिहार रेजिमेंट को गार्ड ऑफ ऑनर, वीर नारियों एवं फिजिकल कैजुअलिटीज सैनिकों के बच्चों का सम्मान, महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन तथा विशेष सैनिक सम्मेलन प्रमुख रहे। इन आयोजनों ने बिहार रेजिमेंट की गौरवशाली विरासत, सैनिकों के बलिदान और रेजिमेंट परिवार की एकता को प्रदर्शित किया।
राष्ट्रीय ध्वज का अनावरण एवं गार्ड ऑफ ऑनर
कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम्’ की मधुर धुन के साथ हुआ। इस गौरवपूर्ण अवसर पर मेजर जनरल जय सिंह बैंसला, सेना मेडल तथा मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) असीम कोहली, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का अनावरण किया गया। राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। बिहार रेजिमेंट केंद्र में राष्ट्रीय ध्वज का यह आयोजन सैनिकों में देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने तथा राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।
इसके उपरांत बिहार रेजिमेंट केंद्र की तरफ से मेजर नवदीप सिंह के नेतृत्व में जवानों द्वारा मेजर जनरल जय सिंह बैंसला के सम्मान में गरिमामय गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। अनुशासित परेड और सैन्य परंपराओं के अनुरूप आयोजित इस समारोह ने बिहार रेजिमेंट की पेशेवर दक्षता, अनुशासन और गौरवशाली सैन्य विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
वीर नारियों का सम्मान, फिजिकल कैजुअलिटीज सैनिकों के बच्चों को सहायता एवं विहार रेजीमेंट केंद्र के म्यूजियम के नवीनीकरण में विशेष योगदान के लिए सम्मान ,
बिहार रेजिमेंट अपने वीर सैनिकों के बलिदान को सम्मान देने के साथ-साथ उनके परिवारों के कल्याण के प्रति भी सदैव प्रतिबद्ध रही है। इसी भावना के अनुरूप आयोजित सम्मान समारोह में 26 वीर नारियों को सम्मानित किया गया। प्रत्येक वीर नारी को ₹21,000 का चेक, ट्रॉली बैग, हैंडबैग, कैसरोल सेट तथा साड़ी प्रदान की गई। यह सम्मान उन वीर नारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम रहा, जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्रियजनों के सर्वोच्च बलिदान के बाद भी अदम्य साहस और धैर्य का परिचय दिया है।
इसी क्रम में “प्रोजेक्ट संबंध” के अंतर्गत फिजिकल कैजुअलिटीज सैनिकों के पाँच बच्चों को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, 17 साइकिलें बच्चों के आवास तक पहुँचाई गईं, ताकि उन्हें सहायता प्राप्त करने में सुविधा हो। इस परियोजना का नेतृत्व शौर्य चक्र से सम्मानित कर्नल वेम्बू शंकर कर रहे हैं। यह पहल सैनिक परिवारों के बच्चों की आवश्यकताओं को समझने, उन्हें सहयोग प्रदान करने तथा उनके जीवन में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। इन कल्याणकारी पहलों के माध्यम से बिहार रेजिमेंट ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रेजिमेंट का जुड़ाव केवल सेवारत सैनिकों तक सीमित नहीं, बल्कि उनके परिवारों और आश्रितों तक भी है।
बिहार रेजिमेंटल सेंटर के संग्रहालय के नवीनीकरण में वास्तुशिल्प संबंधी सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए शालिनी स्मिथ को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, पर्वतारोहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं उपलब्धि के लिए 7 बिहार बटालियन के सैनिकों को भी सम्मानित किया गया।
बिहार रेजिमेंट के सैन्य इतिहास और वीरांगनाओं पर आधारित पुस्तकों का विमोचन
समारोह के दौरान बिहार रेजिमेंट की सैन्य उपलब्धियों, गौरवशाली इतिहास और बलिदान की परंपरा को संजोने वाली दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया गया। इनमें ब्रिगेडियर हुंडल, विशिष्ट सेवा मेडल, पीएचडी द्वारा लिखित ‘Bihar Warriors, Vol-II (1986-2026)’ तथा डॉ. संज्ञा पांडेय, प्रोफेसर, एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा लिखित ‘वीरांगनाएँ शामिल हैं।
‘Bihar Warriors, Vol-II (1986-2026)’ के माध्यम से बिहार रेजिमेंट की सैन्य यात्रा, वीरता, उपलब्धियों और बदलते समय के साथ विकसित होती सैन्य परंपराओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है। वहीं, ‘वीरांगनाएँ’ वीर नारियों के साहस, त्याग, संघर्ष और योगदान को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करती है। इन पुस्तकों का विमोचन रेजिमेंट के इतिहास को संरक्षित करने, सैनिकों और उनके परिवारों के योगदान को पहचान दिलाने तथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेष सैनिक सम्मेलनः उपलब्धियों की समीक्षा एवं भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष सैनिक सम्मेलन में बिहार रेजिमेंट केंद्र के कमांडेंट ने पिछले दो वर्षों के दौरान रेजिमेंट द्वारा किए गए कार्यों, विकास संबंधी पहलों, प्रशिक्षण, उपलब्धियों तथा सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए किए गए प्रयासों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने रेजिमेंट की प्रगति, कार्यक्षमता और भविष्य की आवश्यकताओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया।
सम्मेलन में उपस्थित बिहार रेजिमेंट के पूर्व कर्नल्स ऑफ द रेजिमेंट ने भी अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने रेजिमेंट की छवि को और बेहतर बनाने, इसकी गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखने, प्रशिक्षण एवं कार्यप्रणाली को मजबूत करने तथा भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। उनके अनुभव और सुझाव रेजिमेंट को निरंतर आगे बढ़ाने तथा उसकी पहचान को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहे।
इस विचार-विमर्श ने सेवारत सैनिकों और पूर्व सैन्य नेतृत्व के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान तथा रेजिमेंट के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया। सम्मेलन में रेजिमेंट की एकता, अनुशासन, सैनिक कल्याण और उत्कृष्टता की भावना को निरंतर बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।
कर्नल ऑफ़ द बिहार रेजीमेंट बैनर
बिहार रेजिमेंट की सक्रिय बटालियनों में पिछले दो वर्षों के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन, उच्च स्तर के प्रशिक्षण, अनुशासन, कार्यकुशलता तथा विभिन्न सैन्य गतिविधियों में सराहनीय उपलब्धियों के लिए 7वीं बिहार बटालियन को कर्नल ऑफ द बिहार रेजिमेंट बैनर से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बटालियन के सभी अधिकारियों, जेसीओ और जवानों की कड़ी मेहनत, समर्पण, टीम भावना तथा रेजिमेंट की गौरवशाली परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह उपलब्धि अन्य बटालियनों के लिए भी प्रेरणास्रोत है और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सभी को प्रोत्साहित करती है।
कर्नल ऑफ द बिहार रेजिमेंट के बैटन का हस्तांतरण
समारोह के एक महत्वपूर्ण एवं भावनात्मक क्षण में मेजर जनरल जय सिंह बैंसला, सेना मेडल ने कर्नल ऑफ द बिहार रेजिमेंट का बैटन लेफ्टिनेंट जनरल आकाश जोहर, अति विशिष्ट सेवा मेडल, को सौंपा। यह हस्तांतरण रेजिमेंट की गौरवशाली परंपराओं की निरंतरता, नेतृत्व के हस्तांतरण और संगठन के प्रति उत्तरदायित्व का प्रतीक रहा। इस अवसर ने बिहार रेजिमेंट की समृद्ध विरासत और भविष्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को पुनःरेखांकित किया।
कार्यक्रम का समापन रेजिमेंटल गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ। 31वें द्विवार्षिक सम्मेलन एवं 15वीं रीयूनियन के अंतर्गत आयोजित इन कार्यक्रमों ने बिहार रेजिमेंट के वीरतापूर्ण इतिहास, राष्ट्रीय गौरव, सैनिकों के बलिदान, वीर नारियों के सम्मान तथा सैनिक परिवारों के कल्याण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया। यह आयोजन रेजिमेंट के सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैनिकों तथा उनके परिवारों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने और बिहार रेजिमेंट की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने की भावना के साथ संपन्न हुआ।