NEWSPR डेस्क। बिहार में शादी के अगले दिन ही एक घर में मातम पसर गया. फुलवारीशरीफ में एक दिन पहले हुई निकाह अगले दिन मातम में बदल गया जब दूल्हे की मौत हो गई. दूल्हा और दूल्हन समेत दोनों पक्ष के परिजन अभी समारोह का आनंद ले सकते इससे पहले ही ये घटना हो गयी. वहीं लोग इस तरह अकस्मात हुए मौत की हकीकत को पचा भी नहीं पा रहे थे और शव को लेकर झाड़-फूंक के लिए भागते रहे.
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार की रात राजा का विवाह ईसापुर के ही रहने वाली एक लड़की से तय हुआ. निकाह तय होने के बाद दोनों पक्षों के बीच खुशियों का माहौल था. हो भी क्यों नही, ये शादी ही कुछ ऐसी थी. दरअसल, बिना मां-बाप के जीवन जी रही एक बेटी अब अपना नया जीवन जीने जा रही थी. उसे अब उसका जीवनसाथी मिलने वाला था जो उसके जीवन के एक खालीपन को पूरा करने की कोशीश करता. लेकिन किस्मत ने उसका यहां भी साथ नहीं दिया और एक दिन के अंदर ही उसके जीवन में गम का एक और पहाड़ ला दिया.
राजा का निकाह शुक्रवार की रात को हुआ. बिन मां-बाप के साये में पली दूल्हन अब हर अरमान को पूरा करने अपने पति राजा के साथ अपने ससुराल आ गई. लेकिन भाग्य ने यहां खुशियां नहीं बल्कि कुछ और तैयारी कर रखी थी. शादी के एक दिन बाद यानि रविवार को जब दूल्हा अपने कमरे से बाहर निकला तो उसे सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई. जब तक कोई कुछ समझ पाता वो वहीं जमीन पर गिर गया.
लड़के को आनन-फानन में पास के अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. लेकिन परिजनों को अभी भी आस थी कि वो मरा नहीं है. वो शव को लेकर मौलाना और पीर के दर पर दौड़ने लगे. उन्हें उम्मीद थी कि शायद अभी शरीर में जान बांकि है. लेकिन नियती ने अपना फैसला सुना दिया था. राजा अब इस दुनिया में नहीं रहा इस सच को स्वीकार करते हुए परिजनों ने शव को कब्रिस्तान में दफन कर दिया.