NEWS PR डेस्क: राजगीर अब सिर्फ ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि बिहार के नए क्रिकेट हब के तौर पर भी अपनी पहचान बनाने जा रहा है। यहां बिहार का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है, जिसे राज्य के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
अब तक पटना का मोइनुल हक स्टेडियम ही अंतरराष्ट्रीय दर्जा रखता था, लेकिन वहां सीमित अंतरराष्ट्रीय मुकाबले ही हो पाए। ऐसे में राजगीर का यह अत्याधुनिक स्टेडियम बिहार को क्रिकेट के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर मजबूती से स्थापित कर सकता है।
90 एकड़ में फैला भव्य स्टेडियम, आधुनिक सुविधाओं से लैस
करीब 90 एकड़ क्षेत्र में बने इस स्टेडियम में एक साथ लगभग 45 हजार दर्शक बैठकर मैच का आनंद ले सकते हैं। पांच मंजिला पवेलियन को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जहां खिलाड़ियों, मैच अधिकारियों और दर्शकों की सहूलियत का खास ख्याल रखा गया है।
मैदान को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। बेहतर ड्रेनेज सिस्टम की वजह से बारिश के बाद भी मैदान जल्दी खेलने लायक हो जाता है। चारों तरफ हरियाली स्टेडियम को खास आकर्षण देती है। इसकी डिजाइन दुनिया के मशहूर सिडनी क्रिकेट ग्राउंड से प्रेरित है।
13 पिचों का अनोखा कॉम्बिनेशन, हर तरह के खिलाड़ियों को मिलेगा फायदा
राजगीर स्टेडियम में कुल 13 पिचें बनाई गई हैं, जो इसे खास बनाती हैं।
7 पिचें मोकामा की काली मिट्टी से तैयार की गई हैं, जो तेज गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों के लिए अनुकूल मानी जाती हैं।
वहीं 6 पिचें महाराष्ट्र की लाल मिट्टी से बनी हैं, जो स्पिन गेंदबाजों को ज्यादा मदद देती हैं।
इस मिश्रण की वजह से यहां अलग-अलग फॉर्मेट और परिस्थितियों के मुकाबले कराए जा सकेंगे।
डे-नाइट मैचों के लिए हाई-मास्ट लाइटिंग, 1000 करोड़ से ज्यादा की लागत
डे-नाइट मुकाबलों के आयोजन को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में 4 हाई-मास्ट फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं। इससे रात में भी मैच बिना किसी रुकावट के कराए जा सकेंगे। इस भव्य परियोजना पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है।
2027 से आईपीएल की उम्मीद, बिहार के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच
उम्मीद जताई जा रही है कि 2027 से यहां आईपीएल मैचों की मेजबानी शुरू हो सकती है। इसके बाद टी-20, वनडे और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी कराए जाएंगे। इसी साल राज्य सरकार इस स्टेडियम को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को सौंपने की तैयारी में है। यह स्टेडियम बिहार के उभरते खिलाड़ियों के लिए बड़े मंच का रास्ता खोलेगा और राज्य में क्रिकेट को नई दिशा देगा।