बिहार में रेलवे संचालन को लेकर एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अब राज्य के डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) से गया रूट पर ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने के लिए तैयार हैं। शुक्रवार, 4 अप्रैल को इस दिशा में स्पीड ट्रायल किया गया, जो पूरी तरह से सफल रहा।
पूर्व मध्य रेलवे द्वारा यह ट्रायल एक विशेष ट्रेन के माध्यम से सासाराम और डेहरी होते हुए किया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार है जब पूर्व मध्य रेल क्षेत्र में किसी ट्रेन को सेमी-हाई स्पीड, यानी 160 किमी/घंटा की अधिकतम रफ्तार से चलाया गया है।
क्यों है यह ट्रायल अहम?
यह ट्रायल रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि भविष्य में इस मार्ग पर वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस और अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों की गति में सुधार देखने को मिलेगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर और भी सुगम बनेगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
ट्रायल के दौरान रेलवे ने लोगों से आग्रह किया था कि वे ट्रैक के आसपास न जाएं और फुट ओवरब्रिज, रेलवे गेट पर दिए गए सिग्नल्स का कड़ाई से पालन करें। रेलवे ने चेतावनी दी थी कि इस गति पर ट्रेनों की चाल बेहद तेज होती है, इसलिए सावधानी बेहद ज़रूरी है।
आगे क्या?
इस ट्रायल के सफल होने के बाद डीडीयू-गया-मानपुर रेलखंड पर कई ट्रेनों की गति बढ़ाई जा सकेगी। हालांकि, नियमित संचालन के लिए कुछ और प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। लेकिन इस स्पीड ट्रायल ने यह साफ कर दिया है कि बिहार अब हाई-स्पीड ट्रेन नेटवर्क की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।