News PR डेस्क: बिहार के पूर्वी चंपारण में आस्था और स्थापत्य का एक अद्भुत संगम आकार ले रहा है। करीब 500 एकड़ क्षेत्र में विराट रामायण मंदिर का निर्माण तेज़ी से जारी है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा रामायण-थीम आधारित मंदिर बताया जा रहा है।
निर्माणाधीन इस भव्य मंदिर में प्रभु श्रीराम का विशाल मंदिर स्थापित किया जाएगा। परियोजना में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक के साथ उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री-बेहतरीन सीमेंट, शुद्ध जल, मजबूत स्टील और अच्छी गुणवत्ता वाली पेंट का उपयोग किया जा रहा है, ताकि संरचना अगले 500 वर्षों तक सुरक्षित और सुदृढ़ बनी रहे। मंदिर का मुख्य गुंबद लगभग 270 फीट ऊंचा होगा, जबकि इसकी वास्तुकला अष्टकोणीय होगी।
मंदिर परिसर को बहुआयामी धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां विशाल पार्किंग, दुकानें, शैक्षणिक संस्थान/यूनिवर्सिटी और अन्य सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
निर्माण से जुड़े इंजीनियर संतोष कुमार के अनुसार, मंदिर की भव्यता और डिज़ाइन इसे वैश्विक स्तर पर विशिष्ट बनाएगी-ऐसी संरचना दुनिया में पहले नहीं बनी है। वहीं इंजीनियर सुमन कुमार ने बताया कि कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस ऐतिहासिक परियोजना का हिस्सा बनना पूरी टीम के लिए गर्व की बात है।
परियोजना प्रबंधन का लक्ष्य है कि मंदिर का निर्माण वर्ष 2028 तक पूर्ण कर लिया जाए। पूर्ण होने के बाद यहां देश-विदेश से श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक मानचित्र पर एक नई पहचान हासिल करेगा।