भागलपुर से सटे कोइली गांव में समय से पूर्व चैती दुर्गा पूजा मनाया जा रहा है कोइली नवयुवक संघ के बैनर तले चैती दुर्गा पूजा आयोजित की गई जिसमें मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई कोइली गांव के ग्रामीण बताते है की पिछले सौ वर्षों से ज्यादा समय से यहां मंदिर में पूजा हो रही है गांव के पूर्वजों ने ही चैती दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी जिसमें श्रद्धालु पूरी शिद्दत से मां की आराधना करते है इतना ही नहीं लोग नौ दिन का नवरात्र भी रखते है विजयादशमी होने के बाद आज चैती दुर्गा का विसर्जन किया गया आपको बता दें की चैती दुर्गा पूजा की शुरुआत आगामी नौ अप्रैल से होनी है.
जबकि कोइली गांव में आज दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन भी कर दिया गया ऐसी मान्यता है की कुछ वर्ष पूर्व गांव में भीषण बीमारियां फैली थी इलाज नहीं होने के कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी जिसके बाद गांव पहुंचे एक बाबा मोहन दास ने गांव में एक मंदिर बना कर वैष्णो पूजा करने की गांव वालों को सलाह दी ग्रामीणों ने बाबा मोहनदास की मदद से मां की आराधना शुरू की जिसके बाद महामारी जैसी बीमारी से लोगों को छुटकारा मिल पाया वैष्णो स्वरूप में विराजने वाली मां दुर्गा के दरबार में किसी पशु की बलि भी नहीं ली जाती है जिसके कारण कोइली गांव स्थापित मां दुर्गा के मंदिर की प्रसिद्धि भागलपुर और उसके आस पास के इलाकों में फैलती जा रही है हजारों भक्त यहां आकर मां की पूजा करते है और नवरात्र का व्रत भी रखते हैवहीं प्रशासनिक स्तर से भी स्थानीय पुलिस मेले की सुरक्षा करती है इस पूजा को देखकर ये लगता है कि चैती दुर्गा पूजा का आगाज भी इस गांव की पूजा के साथ होता है। कई वर्षों से चली आ रही इस प्रथा को गांव के नवयुवकों ने भी संजो कर रखा है जिससे ये प्रथा अनवरत जारी है।