NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 03 मई। मई महीने में संभावित भीषण गर्मी और लू को लेकर केंद्र सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को स्पष्ट किया कि मौसम पूर्वानुमानों को सही तरीके से समझकर और सामान्य सावधानियों का पालन कर गर्मी के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने और लू चलने की संभावना जरूर है, लेकिन यह स्थिति पूरे देश में समान नहीं होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमानों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत, उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम के कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है, जबकि देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य या उससे कम रहने का अनुमान है।

आईएमडी के अनुसार हिमालय की तराई, ओडिशा, पूर्वी तटीय क्षेत्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र में लू चलने की आशंका है। इन क्षेत्रों में सामान्य से 2 से 4 दिन अधिक लू पड़ सकती है। वहीं मई के दूसरे और चौथे सप्ताह में तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है, जबकि पहले और तीसरे सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ और बारिश के कारण कुछ राहत मिल सकती है।
डॉ. सिंह ने बताया कि रात के तापमान में वृद्धि से खासकर शहरी और तटीय इलाकों में उमस बढ़ सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर वर्तमान में ईएनएसओ तटस्थ स्थिति बनी हुई है, लेकिन मानसून के दौरान अल नीनो की स्थिति बनने की संभावना है।
सरकार की तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि पेयजल, बिजली और शीतलन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। शिशुओं, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले श्रमिकों जैसे संवेदनशील समूहों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कृषि क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में रबी फसलों की देर से कटाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। हालांकि दक्षिण और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में अधिक गर्मी से चावल, मक्का और दालों जैसी फसलों पर असर पड़ सकता है। किसानों को सुबह-शाम के समय काम करने, नियमित सिंचाई और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
जनता के लिए जारी सलाह में डॉ. सिंह ने कहा कि लोग पर्याप्त पानी पिएं, तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचें और आसपास के कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने यह भी कहा कि आईएमडी के दैनिक अपडेट और प्रभाव-आधारित पूर्वानुमानों का पालन करने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में भारत की मौसम पूर्वानुमान क्षमता में काफी सुधार हुआ है, जिससे समय पर और सटीक अलर्ट जारी करना संभव हुआ है। नागरिक मौसम ऐप और आईएमडी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ताजा मौसम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।