NEWSPR DESK PATNA- बिहार के रोहतास जिले में दशकों से अनुपयोगी पड़ी बंजर और जंगल भूमि अब औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने जा रही है। सरकार ने डेहरी के दक्षिणी क्षेत्र को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। भड़कुड़िया, भलुआड़ी, दुर्गापुर और भटौली गांवों की सरकारी जमीन को उद्योग विभाग को सौंप दिया गया है, जहां विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जाएगी।
बिहार बिजनेस कनेक्ट 2024 में निवेशकों से मिले उत्साहजनक प्रस्तावों के बाद इस परियोजना को तेजी से अमल में लाया गया। सरकार की इस पहल से रोहतास जिले का डेहरी प्रखंड फिर से औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। साथ ही, सुअरा हवाई अड्डा परिसर में टेक्सटाइल पार्क और डालमियानगर औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे वैगन कारखाने की स्थापना की योजना भी बनाई गई है।बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने हाल ही में डेहरी और शिवसागर प्रखंड में 700 एकड़ सरकारी भूमि का निरीक्षण किया और इसे औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की सिफारिश की थी। प्रशासन की मंजूरी के बाद, इस क्षेत्र को औद्योगिक हब बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
90 के दशक तक रोहतास जिला बिहार के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल था, लेकिन प्रशासनिक खामियों के चलते यहां कई उद्योग बंद हो गए, जिससे लोगों को रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ा। कभी जिले की पहचान रहा डालमियानगर औद्योगिक परिसर अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। हालांकि, डालमिया ग्रुप केसीसी सीमेंट फैक्ट्री, बंजारी को पुनः शुरू करने के प्रयास में जुटा है। सरकार की इस नई पहल से जिले में आर्थिक गतिविधियों को फिर से गति मिलेगी।
स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे पलायन पर रोक लगेगी और जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इस फैसले से रोहतास एक बार फिर बिहार के प्रमुख औद्योगिक जिलों में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है।