श्रीलंका को वैभव सूर्यवंशी का करारा जवाब, फाइनल में 29 गेंदों पर 94 रन की तूफानी पारी

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: भारत ए के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में ऐसी विस्फोटक बल्लेबाजी की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। फाइनल मुकाबले से पहले लीग चरण में भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए मैच के दौरान श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने वैभव पर तंज कसते हुए कहा था, “यह आईपीएल नहीं है, घर जाओ।” लेकिन फाइनल में वैभव ने अपने बल्ले से ऐसा जवाब दिया कि विरोधी टीम के पास कोई जवाब नहीं बचा।

मैच की शुरुआत से ही वैभव आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर हमला बोलते हुए महज 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और 5 छक्के निकले। उन्होंने अपना पचासा भी छक्के के साथ पूरा किया और मैदान पर मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

वैभव यहीं नहीं रुके। उन्होंने केवल 29 गेंदों में 94 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। उनकी इस आतिशी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ए को बेहद तेज और मजबूत शुरुआत मिली।

यह पारी कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुई। वैभव सूर्यवंशी ने 11 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने के. वीरारत्ने का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। इसके साथ ही वैभव भारत की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए।

टूर्नामेंट में इससे पहले वैभव एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए थे, लेकिन सबसे बड़े मुकाबले में उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी यह पारी सिर्फ रनों की बरसात नहीं थी, बल्कि उन आलोचनाओं और टिप्पणियों का भी जवाब थी, जो उन्हें फाइनल से पहले सुननी पड़ी थीं।

फाइनल के मंच पर वैभव सूर्यवंशी ने साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी वही होते हैं, जो अपने बल्ले से जवाब देते हैं।

Share This Article