हड़ताली अंचलाधिकारियों को विजय सिन्हा ने किया टाइट, छीन ली कार, सारा पावर सीज, नौकरी भी जाएगी !

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: बिहार में अंचलाधिकारियों की हड़ताल पर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कामकाज ठप करने की कीमत चुकानी पड़ेगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल को अनुचित बताते हुए हड़ताली अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकारी गाड़ियां जब्त कर ली गई हैं, डिजिटल सिग्नेचर डोंगल और जरूरी अभिलेखों की चाबियां जमा कराई जा रही हैं, वहीं हड़ताल अवधि का वेतन काटने का फैसला भी लिया गया है।

सोमवार से बिहार राजस्व सेवा संघ के आह्वान पर शुरू हुई इस हड़ताल को बजट सत्र के दौरान जनहित के खिलाफ करार दिया गया है। सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में विभाग के सचिव सीके अनिल ने डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी में अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि यदि हड़ताल तत्काल वापस नहीं ली गई तो बर्खास्तगी जैसी सख्त कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेंगे।

सरकार के इस रुख से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि हड़ताल पर गए अंचलाधिकारियों से सरकारी संसाधन तुरंत वापस लिए जाएं। साथ ही ‘नो वर्क नो पे’ के तहत वेतन कटौती लागू की जा रही है।

हड़ताल का असर आम लोगों पर साफ नजर आने लगा था। सोमवार को कई अंचलों में अनिवार्य जनता दरबार नहीं हो सके, जिससे दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व संबंधी कार्य ठप पड़ गए। नागरिकों की परेशानी को देखते हुए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। निर्देश के अनुसार, अंचलाधिकारी की अनुपस्थिति में संबंधित अंचल का वरीय हल्का कर्मचारी प्रभार संभालेगा, ताकि जमीन से जुड़े जरूरी कामकाज जारी रह सकें।

बताया जा रहा है कि राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई हो सकती है। सरकार के सख्त तेवरों के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अंचलाधिकारी हड़ताल खत्म करते हैं या टकराव और गहराता है।

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