सिलीगुड़ी में इंस्पेक्टर दो महिला सिपाहियों के साथ क्यों गए, रास्ते में क्या हुआ

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : बिहार मद्य निषेध विभाग के इंस्पेक्टर संगम विद्यार्थी बिना पूर्व सूचना या छुट्टी लिए दो महिला कांस्टेबलों के साथ अपनी निजी गाड़ी में सिलीगुड़ी गए थे। लौटते समय बागडोगरा के पास ओवरटेकिंग को लेकर स्थानीय लोगों के साथ उनका विवाद हो गया। इस मामले में ड्यूटी छोड़कर बिना अनुमति बाहर जाने की बात सामने आने के बाद विभाग ने इसे जांच के दायरे में ले लिया है।

बिहार उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर संगम विद्यार्थी दो महिला कॉन्सटेबल के साथ किशनगंज से सिलीगुड़ी निकल पड़े, लेकिन किसी को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उनका उद्देश्य और वहां जाने की वजह भी अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। उन्हें लगता था कि यह दो घंटे का सफर है, कोई नोटिस नहीं करेगा और वे आसानी से लौट आएंगे। उन्होंने एक गाड़ी बुक की और सिलीगुड़ी तक पहुंच गए। लेकिन लौटते समय रास्ते में विवाद हो गया, जिसके बाद अफसरों को जानकारी लगी कि इंस्पेक्टर संगम विद्यार्थी दो महिला कॉन्सटेबल के साथ सिलीगुड़ी गए थे। इस पर सवाल उठने लगे कि जब ये अधिकारी और कॉन्सटेबल ऑन ड्यूटी हैं, तो वे सिलीगुड़ी क्यों गए और बिना छुट्टी के वहां किस काम के लिए गए।

दरअसल, बिहार उत्पाद विभाग के कर्मचारी सिलीगुड़ी से किशनगंज लौट रहे थे, तभी सोमवार देर शाम बागडोगरा (दार्जिलिंग) के पास एनएच-27 पर उनका एक तीखा विवाद हो गया। यह झगड़ा सड़क पर ओवरटेकिंग को लेकर स्थानीय लोगों के साथ हुआ, जिसने अब विभागीय जांच का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, एक निरीक्षक, दो महिला कॉन्सटेबल और एक अन्य कर्मचारी निजी वाहन में सिलीगुड़ी से किशनगंज लौट रहे थे। तेज रफ्तार में ओवरटेक करने के प्रयास पर स्थानीय लोगों ने उन्हें रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय गाड़ी की रैस ड्राइविंग के कारण सामने से आ रही एक अन्य गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने के कगार पर थी।

विवाद इतना बढ़ गया कि स्थानीय लोगों ने सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी और दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस और धक्का-मुक्की देखने को मिली। हंगामा बढ़ते ही बागडोगरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को काबू में किया। सुरक्षा की दृष्टि से उत्पाद विभाग के कर्मियों को थाने ले जाया गया। किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत नहीं दी, इसलिए मामला कानूनी रूप से आगे नहीं बढ़ा। हालांकि, इस घटना की अब विभागीय स्तर पर जांच शुरू हो चुकी है।

किशनगंज उत्पाद विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्य रूप से दो सवाल उठ खड़े हुए हैं: बिना आधिकारिक अनुमति के इंस्पेक्टर दो महिला सिपाहियों के साथ सिलीगुड़ी क्यों गए? क्या उनका यह दौरा किसी सरकारी काम से संबंधित था या निजी कारणों से? मामले पर उत्पाद थानाध्यक्ष मनीष सक्सेना ने बताया कि सभी संबंधित कर्मियों से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि यह यात्रा सरकारी काम से नहीं थी, तो इंस्पेक्टर दो महिला सिपाहियों के साथ निजी वाहन में सिलीगुड़ी क्यों गए। थानाध्यक्ष ने कहा कि उत्पाद अधीक्षक दीपक मिश्रा ने भी जवाब तलब किया है और जवाब मिलने के बाद विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा, जिसमें अनुशासनात्मक दंड भी शामिल हो सकता है। अब सभी की नजरें कर्मियों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण और विभाग की अंतिम कार्रवाई पर टिकी हैं।

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