बिहार में स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब साल में चार बार होंगे एग्जाम

Patna Desk
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

बिहार के शिक्षा विभाग में सुधार की मुहिम लगातार जारी है। एसीएस एस सिद्धार्थ के निर्देश पर सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को मजबूत करने के लिए एक नई परीक्षा प्रणाली लागू की जा रही है।शैक्षणिक सत्र 2025-26 से कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रों को अब साल में चार मुख्य परीक्षाएं देनी होंगी। यह योजना राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा तैयार की गई है।

नए सिस्टम के तहत छात्रों की प्रथम त्रैमासिक परीक्षा जुलाई में, अर्द्धवार्षिक परीक्षा सितंबर में, द्वितीय त्रैमासिक परीक्षा दिसंबर में और वार्षिक परीक्षा मार्च में आयोजित की जाएगी।इसके अलावा, कक्षा 9वीं और 11वीं की तरह अब पहली से आठवीं तक के छात्रों के लिए भी हर महीने मासिक मूल्यांकन परीक्षा कराई जाएगी।परीक्षा पूरी तरह केंद्रीकृत प्रक्रिया के तहत होगी। सभी स्कूलों में एक ही समय पर परीक्षा होगी, और प्रश्न पत्र तथा कार्यक्रम SCERT द्वारा जारी किए जाएंगे।इस सत्र की पहली मासिक परीक्षा 28 से 30 अप्रैल के बीच होगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी —पहली पाली सुबह 7 से 9 बजे तक और दूसरी पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक।शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और वे परीक्षा के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। इसके साथ ही समय-समय पर उनके शैक्षणिक विकास की भी सही तस्वीर सामने आ सकेगी।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article