फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज मामला: बिहार के नारायणपुर से संचालित अवैध सेटअप की जांच CBI के हवाले

Puja Srivastav
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NEWS PR डेस्क :बिहार के भोजपुर जिले के नारायणपुर गांव से संचालित एक कथित फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है। इस गंभीर मामले में CBI ने एफआईआर दर्ज कर बड़े पैमाने पर साइबर अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरे की आशंका जताई है।

CBI के अनुसार, इस अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर VOIP (Voice Over Internet Protocol) कॉल को सामान्य वॉयस कॉल में बदला जा रहा था, ताकि कॉल की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाई जा सके। इस तकनीक का दुरुपयोग साइबर अपराधियों द्वारा बड़े स्तर पर किया जा रहा था।

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भोजपुर के नारायणपुर गांव में एक्सचेंज का संचालन करने वाले मुख्य आरोपी मुकेश कुमार के अलावा पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के प्वाइंट ऑफ सेल ऑपरेटर रेजाउल हक और मुक्तादिर हुसैन को गिरफ्तार किया था गिरफ्तार लोगों के पास से 67 संदिग्ध सिम कार्ड मिले थे EOU की जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध सेटअप के जरिए विभिन्न नंबरों पर 20 हजार से अधिक कॉल किए गए थे।

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इसे देखते हुए इओयू ने बरामद साक्ष्य के साथ कई दस्तावेज को cbi को सौंप दिया और सीबीआई ने मामला दर्ज करते हुए यह अंदेशा जताया है कि VOIP सिस्टम का उपयोग विदेशों में सक्रिय आतंकी संगठन अपने स्लीपर सेल, राष्ट्रविरोधी तत्वों और कैडरों से संपर्क साधने के लिए करते रहे हैं। ऐसे में इस फर्जी एक्सचेंज के जरिए देशभर में बड़े पैमाने पर साइबर अपराध किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष जुलाई में इस अवैध संचालन का पर्दाफाश होने के बाद बिहार सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच CBI को सौंपने की सिफारिश की थी। इसे देखते हुए EOU ने सीबीआई को केस सौंप दिया ताकि आगे की अनुसंधान किया जा सके।

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