बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन के तहत पैसे लेने वाले इन युवाओं पर दर्ज होगी FIR, जानिए क्या है पूरी खबर

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क: Bihar :बिहार सरकार की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ने राज्य के लाखों युवाओं के लिए उच्च शिक्षा का रास्ता आसान बनाया है। इस योजना के तहत छात्रों को सरकारी स्तर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करना है।

हालांकि, योजना से बड़ी संख्या में छात्रों को लाभ मिला है, लेकिन लोन की वापसी को लेकर सरकार के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। राहत के तौर पर सरकार ने वर्ष 2018 के बाद स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत लोन लेने वाले सभी छात्रों को ब्याज माफी का लाभ देने का निर्णय लिया है। अब शेष मूलधन पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। हालांकि, जिन छात्रों ने पहले ही ब्याज सहित लोन चुका दिया है, उन्हें राशि वापस नहीं मिलेगी।

बिहार राज्य वित्त निगम के अनुसार, अब तक राज्य के 3,89,363 युवाओं का ब्याज माफ किया जा चुका है। इसके बावजूद 62,436 युवा ऐसे हैं जिन्होंने अब तक लोन की वापसी शुरू नहीं की है। इन सभी डिफॉल्टर छात्रों की सूची जिला स्तर पर निबंधन सह परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) द्वारा तैयार कर ली गई है। सरकार जनवरी के अंत तक राज्य के सभी 38 जिलों में ऐसे छात्रों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज करने की तैयारी में है।

राजधानी पटना में स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां 6,938 छात्र अब तक लोन चुकाने की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाए हैं। बिहार राज्य वित्त निगम की सहायक महाप्रबंधक कुमारी नीतू के अनुसार, पटना जिले में लगभग 5,000 छात्रों को अब तक स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत लोन स्वीकृत किया जा चुका है, जबकि शेष आवेदनों की जांच प्रक्रिया जारी है।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ केवल बिहार के स्थायी निवासियों को दिया जाता है। इसके लिए आवश्यक है कि छात्र ने बिहार से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की हो। लोन की वापसी की शर्तें भी स्पष्ट रूप से तय की गई हैं। पढ़ाई पूरी होने के एक साल बाद से लोन चुकाना अनिवार्य है। 4 लाख रुपये तक का लोन लेने वाले छात्रों को 10 साल में मूलधन चुकाना होता है, जबकि इससे कम राशि लेने वालों के लिए 7 साल की अवधि निर्धारित है।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। छात्रों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं, जिनका बैंक और शिक्षा विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाता है। लोन स्वीकृत होने पर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जारी किया जाता है। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और कॉलेज का फीस स्ट्रक्चर शामिल है।

योजना से जुड़े अधिकारी छात्रों को लोन की शर्तों और भुगतान प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए जिलों में परामर्श केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि लाभार्थी समय पर लोन की वापसी करें। सरकार का मानना है कि डिफॉल्टर छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से अन्य छात्रों को भी अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश जाएगा। इस तरह यह योजना न केवल शिक्षा का अवसर देती है, बल्कि युवाओं में वित्तीय जिम्मेदारी विकसित करने का माध्यम भी बन रही है।

इस तरह, ब्याज माफी से छात्रों को राहत जरूर मिली है, लेकिन स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की असली सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब सभी लाभार्थी समय पर लोन चुकाकर अपनी जिम्मेदारी निभाए |

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