NEWS PR डेस्क :अगर 2025 में बिहार में आपकी रबी फसल को नुकसान हुआ है, तो मुआवजा पाने का यह उचित मौका है। फसल क्षति के बदले सहायता राशि के लिए किसान अब आवेदन कर सकते हैं।
बिहार सरकार फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है। इसी क्रम में सहकारिता विभाग ने रबी 2025-26 सीजन में फसल क्षति झेलने वाले किसानों से बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त रखी गई है। योजना का लाभ अधिसूचित फसलों पर दिया जा रहा है, जिनमें गेहूं, मक्का, गन्ना, आलू, बैंगन, टमाटर, गोभी, अरहर, चना, मसूर, प्याज, राई-सरसों और मिर्च शामिल हैं।
इस योजना के तहत यदि फसल उत्पादन में 20 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है तो किसानों को 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी। वहीं, 20 प्रतिशत से अधिक क्षति की स्थिति में 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिलेगा। एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक ही इस सहायता का लाभ दिया जाएगा। यह योजना रैयत, गैर रैयत और आंशिक रैयत एवं गैर रैयत, सभी श्रेणी के किसानों पर लागू होगी।
नगर पंचायत या नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाले किसान भी इस योजना के लिए आवेदन के पात्र हैं। किसान आवेदन करते समय एक से अधिक फसलों को चुन सकते हैं। अलग-अलग फसलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि भी अलग तय की गई है। आलू उत्पादक किसान 31 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। गेहूं, रबी मक्का, ईख, रबी टमाटर और रबी बैंगन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 है। वहीं चना, मसूर और रबी प्याज के लिए 15 फरवरी 2026 तक आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा रबी फसल, राई-सरसों, रबी मिर्च और गोभी के लिए 31 मार्च 2026 तक आवेदन करने का समय निर्धारित किया गया है।
बिहार राज्य फसल सहायता योजना पर सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। इस योजना के जरिए फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से आर्थिक मदद दी जा रही है, ताकि उनकी आजीविका पर असर न पड़े और वे फिर से आत्मनिर्भर बनकर खेती-बाड़ी के कार्यों में सक्रिय रूप से जुट सकें।
कृषि विभाग के डी.बी.टी. पोर्टल पर पंजीकृत किसान सीधे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय उन्हें अपनी फसल और बुआई के रकबे की जानकारी भरनी होगी, साथ ही अपनी जमीन के दो-तीन फोटो (जियो टैग के साथ) अपलोड करने होंगे। इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए सहकारिता विभाग की वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/cooperative
पर देखा जा सकता है।