NEWS PR डेस्क: बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जीविका बैंक (निधि) एक अहम पहल कर रहा है। इसके तहत राज्य भर में मार्च तक 10 हजार जीविका दीदियों को रोजगार शुरू करने या अपने मौजूदा व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
लोन वितरण की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तर पर 150 मास्टर ट्रेनरों को तैयार किया गया है। ये मास्टर ट्रेनर जिला और प्रखंड स्तर पर जाकर जीविका दीदियों को प्रशिक्षण देंगे और उन्हें लोन के लिए आवेदन से लेकर राशि प्राप्त करने तक की पूरी जानकारी देंगे।
इस योजना के तहत लोन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किए गए हैं, जिनका ट्रायल फिलहाल चल रहा है, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो। दीदियों को लोन के लिए आवेदन, सत्यापन और राशि प्राप्त करने की सभी प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से पूरी करनी होंगी।
जीविका बैंक की ओर से 15 हजार रुपये, 75 हजार रुपये और 2 लाख रुपये के तीन प्रकार के लोन दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन मिलने के दो से तीन दिनों के भीतर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद लोन की राशि स्वीकृत कर सीधे दीदियों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक जीविका के कर्मचारी इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बनेगी।