बिहार के सरकारी अस्पतालों में दलालों पर शिकंजा, स्वास्थ्य विभाग ने डीएम को दिए सख्त निर्देश

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : बिहार के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले गरीब मरीजों को गुमराह कर निजी क्लीनिक और लैब भेजने वाले दलालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। आइए जानते हैं पूरी जानकारी।

सरकारी अस्पतालों से मरीजों को बहकाकर निजी अस्पतालों और लैब तक पहुंचाने वाले दलालों पर अब कड़ी कार्रवाई तय है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले में सख्ती दिखाते हुए सभी जिलाधिकारियों को ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए स्पेशल टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ दलाल सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के परिसर में सक्रिय हैं। ये लोग मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर इलाज का भरोसा दिलाकर निजी अस्पतालों की ओर मोड़ रहे थे। साथ ही जांच के लिए प्राइवेट लैब और दवा खरीदने के लिए अस्पताल परिसर के बाहर स्थित चुनिंदा मेडिकल दुकानों पर भेजा जा रहा था।

स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर जानकारी दी है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसी गतिविधियों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पत्र में कहा गया है कि इस तरह के नेटवर्क में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह ने पत्र में स्पष्ट किया है कि सरकारी संस्थानों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों के कर्मियों द्वारा इलाज, जांच, एक्स-रे और दवाओं के लिए गुमराह किया जा रहा है।

निर्देश दिया गया है कि आम जनता को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि किसी सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसकी पहचान कर उस पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी।

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