NEWS PR डेस्क: पटना यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव 28 फरवरी को आयोजित किए जाएंगे। चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आईटी सेल में केंद्रीय चुनाव समिति, नामांकन एवं स्क्रूटनी कमेटी और चुनाव पदाधिकारियों की चरणबद्ध बैठकें आयोजित की गईं, जिसमें चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया गया।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव प्राथमिकता
कुलपति सह छात्रसंघ की मुख्य संरक्षक प्रो. नमिता सिंह ने स्पष्ट किया कि परिसर में निष्पक्ष, स्वच्छ और शांतिपूर्ण चुनाव कराना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. शंकर कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान पोस्टर, होर्डिंग और अन्य प्रतिबंधित प्रचार माध्यमों पर पूरी तरह रोक रहेगी। यदि महिला कॉलेजों या अन्य संस्थानों में प्रचार के दौरान भीड़ या अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उम्मीदवारी भी रद्द की जा सकती है।
बढ़ाए गए पोलिंग बूथ, 21 को अंतिम सूची
इस बार मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई है, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु और व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके। प्रत्याशियों की अंतिम सूची 21 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। 21 से 26 फरवरी की शाम पांच बजे तक उम्मीदवार अधिकतम पांच समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों में प्रचार कर सकेंगे। प्रचार के दौरान सभी को अपना आईडी कार्ड साथ रखना अनिवार्य होगा।
नामांकन प्रक्रिया जारी
नामांकन पत्रों की बिक्री 11 फरवरी से शुरू हो चुकी है, जो 14 फरवरी दोपहर तीन बजे तक जारी रहेगी। तीसरे दिन शुक्रवार को 34 काउंसलर पदों के लिए और 78 केंद्रीय पैनल के लिए नामांकन फॉर्म बेचे गए। इससे साफ है कि छात्र राजनीति को लेकर परिसर में उत्साह बना हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी कड़ी
चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस बल की तैनाती चुनाव समाप्ति तक बनी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था या नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।