6000 करोड़ के निवेश से बिहार में लगेगा अत्याधुनिक स्टील प्लांट, सरकार ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। सुपर शक्ति और अवध स्टील के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल से मुलाकात कर लगभग 6 हजार करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक स्टील प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव सौंपा है।

निवेश से बदलेगा औद्योगिक परिदृश्य

बैठक के दौरान दीपक अग्रवाल ने बताया कि प्रस्तावित स्टील प्लांट अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा और इससे राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह परियोजना न केवल स्टील उत्पादन क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि बिहार को पूर्वी भारत के उभरते मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में भी मददगार साबित होगी।

उद्योग मंत्री ने राज्य की प्रोग्रेसिव इंडस्ट्रियल पॉलिसी, मजबूत आधारभूत संरचना और निवेश-अनुकूल माहौल की जानकारी देते हुए परियोजना को हर संभव सरकारी सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बिहार अब बड़े औद्योगिक निवेशों के लिए एक भरोसेमंद और तेजी से उभरता हुआ डेस्टिनेशन बन चुका है।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित स्टील परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर कौशल विकास, सहायक उद्योगों की स्थापना और परिवहन व लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। राज्य की अर्थव्यवस्था को इससे नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

मक्का किसानों और इथेनॉल उद्योग को भी आश्वासन

बैठक के बाद उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने राज्य के मक्का किसानों के हितों की रक्षा को लेकर भी स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि मक्के का रेट कम नहीं होने दिया जाएगा और किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि राज्य में स्थापित सभी इथेनॉल प्लांट सुचारु रूप से संचालित होते रहेंगे। बिहार में वर्तमान में 11 डेडीकेटेड इथेनॉल प्लांट कार्यरत हैं, जिनसे सालाना लगभग 46 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन हो रहा है। इन इकाइयों द्वारा उत्पादित संपूर्ण इथेनॉल की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

औद्योगिक विकास की ओर मजबूत कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि एक ओर जहां स्टील प्लांट का बड़ा निवेश औद्योगिक ढांचे को सशक्त करेगा, वहीं दूसरी ओर इथेनॉल और कृषि आधारित उद्योगों को संरक्षण देने की नीति से संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, बिहार सरकार की औद्योगिक नीति और निजी निवेश की पहल राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

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