NEWS PR डेस्क: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने मंगलवार को विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) और कृषि उन्नति योजनाओं की राज्य-वार और योजना-वार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि 31 मार्च तक किसानों के हित में आवंटित राशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर योजना का लाभ गांव-गांव और खेत-खेत तक पहुंचे।
बैठक में असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, उत्तराखंड, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश और हरियाणा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन से पहले केंद्र से जारी फंड का समयबद्ध और प्रभावी व्यय राज्यों की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे कृषि अवसंरचना सुदृढ़ हो और उत्पादकता में वृद्धि हो।
रबी 2026 के लिए MSP पर बड़े पैमाने पर खरीद
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के तहत रबी 2026 सीजन में चना, सरसों और मसूर की बड़े पैमाने पर खरीद को मंजूरी दी है। मूल्य समर्थन योजना (PSS) के अंतर्गत:-
चना खरीद: महाराष्ट्र (7,61,250 मीट्रिक टन), गुजरात (4,13,250 मीट्रिक टन), मध्य प्रदेश (5,80,000 मीट्रिक टन) और राजस्थान (5,53,000 मीट्रिक टन)
सरसों खरीद: राजस्थान (13,78,750 मीट्रिक टन) और गुजरात (1,33,000 मीट्रिक टन)
मसूर खरीद: मध्य प्रदेश (6,01,000 मीट्रिक टन)
इन निर्णयों से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बिक्री का भरोसा मिलेगा और बाजार में कीमतों में गिरावट की स्थिति में आय सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन: 2030-31 तक पूर्ण खरीद
मंत्री ने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत वर्ष 2030-31 तक केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से पूर्व-पंजीकृत किसानों से अरहर, उड़द और मसूर की पूरी खरीद की जाएगी। यह व्यवस्था किसानों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराएगी और देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
18 योजनाओं का समन्वित लाभ
आरकेवीवाई और कृषि उन्नति के तहत कुल 18 योजनाएं संचालित हैं। मंत्री ने जोर दिया कि इन योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से किसानों तक पहुंचे और आवंटित फंड का पूर्ण व पारदर्शी उपयोग हो।
उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें लाभकारी मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम-आशा, मूल्य समर्थन योजना, आरकेवीवाई, कृषि उन्नति योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन मिलकर किसानों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच तैयार कर रहे हैं।