NEWS PR डेस्क: बिहार की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने आज पटना में औपचारिक रूप से JDU की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना स्थित जेडीयू के पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पार्टी जॉइन की। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें ललन सिंह, विजय चौधरी, संजय झा और श्रवण कुमार शामिल थे।
हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि इस अहम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद मौजूद नहीं थे। बेटे के जेडीयू में शामिल होने के मौके पर उनकी अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
सदस्यता लेने के बाद क्या बोले निशांत कुमार
जेडीयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपना कीमती समय निकालकर इस कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि वह एक सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी को मजबूत करने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “मेरे पिताजी नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया है। यह उनका निजी निर्णय है और मैं उसका सम्मान करता हूं। हम सभी उनके मार्गदर्शन में काम करेंगे। पार्टी और जनता ने जो विश्वास मुझ पर जताया है, उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा।”
पिता के काम को आगे बढ़ाने की बात
निशांत कुमार ने कहा कि वह एक साधारण कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार ने बिहार के लिए जो काम किए हैं, उन्हें वे जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे और जनता के दिलों में अपनी जगह बनाने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि उनके पिता के काम को हमेशा याद रखा जाएगा और पूरे देश व प्रदेश को उन पर गर्व है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे नीतीश कुमार पर अपना विश्वास बनाए रखें।
बिहार राजनीति में नए संकेत
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला किया है। ऐसे में बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसी क्रम में निशांत कुमार को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई है, ताकि भविष्य में उन्हें संगठन या राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सके।