NEWS PR डेस्क: पटना: बिहार में जन शिकायतों के त्वरित निपटारे को लेकर राज्य सरकार ने एक नई और सख्त व्यवस्था लागू की है। इस पहल के तहत अब किसी भी शिकायत पर संबंधित विभाग को 72 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू करना अनिवार्य होगा। सरकार का लक्ष्य है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान तेज, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से हो।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर यह नई प्रणाली लागू की गई है, जिसमें हर शिकायत की डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की गई है। इसके लिए मुख्य सचिव कार्यालय में एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से यह ट्रैक किया जाएगा कि शिकायत कब दर्ज हुई, उस पर क्या कार्रवाई की गई और कितना काम अभी लंबित है।
सरकार ने विभागों की जवाबदेही तय करते हुए निर्देश दिया है कि हर सोमवार और शुक्रवार को अधिकारियों को खुद जनता की शिकायतें सुननी होंगी। खास बात यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करना होगा, ताकि शिकायतों का निपटारा केवल कागजों तक सीमित न रहे।
मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों और जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से शिकायतों की समीक्षा करें और उसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिलास्तर पर भी इसी गंभीरता के साथ शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।
नई व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि विभाग यह जानकारी दें कि कोई शिकायत पहले भी आई थी या नहीं, और यदि आई थी तो उस पर अब तक क्या कार्रवाई की गई। इससे बार-बार लंबित रहने वाली शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।
इसके अलावा, आम नागरिक अब सीधे मुख्य सचिव कार्यालय में भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। वे व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी अपनी समस्याएं रख सकते हैं।
सरकार का मानना है कि यह नई प्रणाली न केवल शिकायतों के त्वरित समाधान में मदद करेगी, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत बनाएगी और लोगों का भरोसा शासन व्यवस्था पर बढ़ाएगी।