चैती छठ 2026: पटना के 8 घाट खतरनाक घोषित, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना: चैती छठ पर्व, 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। गंगा नदी के जलस्तर, कटाव और सुरक्षा मानकों का आकलन करने के बाद प्रशासन ने राजधानी के 8 घाटों को खतरनाक घोषित करते हुए वहां आम लोगों के जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

जिन घाटों को असुरक्षित मानते हुए प्रतिबंधित किया गया है, उनमें एलसीटी घाट, राजापुर पुल घाट, पहलवान घाट, बॉस घाट, शिव घाट, दीदारगंज घाट (पूर्वी), रिकाबगंज घाट और बुंदेलटोली घाट शामिल हैं। प्रशासन ने इन घाटों को लाल रंग से चिह्नित कर बैरिकेडिंग करने और वहां दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में लोगों की आवाजाही रोकी जा सके।

जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए श्रद्धालु केवल सुरक्षित और निर्धारित घाटों का ही उपयोग करें। उन्होंने लोगों से अपील की है कि प्रतिबंधित घाटों की ओर न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

छठ के दौरान सुरक्षा को लेकर इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गंगा नदी में 22 मार्च से 25 मार्च तक नावों के परिचालन पर रोक रहेगी। घाटों और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी, वहीं रिवर पेट्रोलिंग भी लगातार जारी रहेगी।

इसके अलावा मेडिकल टीम, ग्राम रक्षा दल, नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है। भीड़ के हिसाब से मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति भी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के नदी और तालाब घाटों पर भी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। लाइफ जैकेट, जाल, नाव और अन्य आवश्यक संसाधनों के साथ आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर मुस्तैद रहने को कहा गया है।

आपात स्थिति के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी तरह की समस्या या सूचना के लिए लोग जिला नियंत्रण कक्ष (0612-2219810, 2219234), डायल-112 या जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (0612-2210118) पर संपर्क कर सकते हैं।

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