NEWS PR डेस्क: पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान में इस बार ईद-उल-फितर के मौके पर एक अलग ही तस्वीर देखने को मिला। हर साल की तरह हजारों नमाजियों ने यहां एकत्र होकर अमन और भाईचारे की दुआ मांगी, लेकिन इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव चर्चा का केंद्र बना रहा।
पिछले कई वर्षों से इस अवसर पर नीतीश कुमार की मौजूदगी एक परंपरा बन चुकी थी। वे खुद गांधी मैदान पहुंचकर नमाजियों से मिलते, इमाम से बातचीत करते और लोगों को ईद की बधाई देते थे। मगर इस साल मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा।
उनकी जगह इस बार उनके बेटे निशांत कुमार ने मोर्चा संभाला। निशांत गांधी मैदान पहुंचे, नमाजियों से मुलाकात की और अपने पिता की ओर से राज्य और देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह पर्व आपसी प्रेम और सद्भाव का प्रतीक है, और सभी को मिलजुलकर इसे मनाना चाहिए। इस दौरान निशांत की सुरक्षा में पूरी CM Security तैनात रही। निशांत के साथ अशोक चौधरी समेत जदयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
निशांत कुमार आमतौर पर सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखते आए हैं, लेकिन हाल के महीनों में उनकी सक्रियता बढ़ी है। जेडीयू के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी लगातार चर्चा में है। हाल ही में पार्टी की इफ्तार दावत में भी वे प्रमुख भूमिका में नजर आए, जहां उन्होंने आयोजन की अगुवाई करते हुए सबका ध्यान खींचा।
राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। जहां एक ओर इसे एक सामान्य अनुपस्थिति माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे संभावित राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, इस बार गांधी मैदान में ईद की नमाज के साथ-साथ सियासी हलचल भी चर्चा का विषय बनी रही।