JDU सांसद गिरिधारी यादव पर गिरी गाज,लोकसभा सदस्यता होगी रद्द,पार्टी ने जारी किया नोटिस

Asha Rai
जदयू सांसद गिरधारी यादव

NEWS PR डेस्क: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज़ है। सत्तारूढ़ दल के भीतर ही असहमति अब खुलकर सामने आने लगी है। बांका से जदयू सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उठाए गए इस कदम ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

जदयू संसदीय दल के नेता और सुपौल से सांसद दिलेश्वर कामत ने लोकसभा स्पीकर को औपचारिक नोटिस सौंपकर गिरधारी यादव की सदस्यता खत्म करने की मांग की है। इसे पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए एक कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल, विवाद उस वक्त बढ़ा जब गिरधारी यादव ने एसआईआर से जुड़े एक अहम फैसले पर पार्टी लाइन से अलग बयान दिया। उन्होंने इस फैसले को ‘तुग़लकी फरमान’ बताते हुए जल्दबाजी में लिया गया गलत कदम करार दिया था। उनके इस बयान के बाद पार्टी नेतृत्व की नाराजगी साफ तौर पर सामने आ गई।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही सार्वजनिक रूप से कम प्रतिक्रिया देते हों, लेकिन उनके सियासी अंदाज से वाकिफ लोग मानते हैं कि उनकी नाराजगी के बाद कार्रवाई तय मानी जाती है। ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान बांका में गिरधारी यादव की गैरमौजूदगी ने भी इन अटकलों को और बल दिया।

इससे पहले पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा था। लेकिन अब मामला सिर्फ नोटिस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उनकी संसदीय सदस्यता पर भी खतरा मंडराने लगा है।

इस पूरे घटनाक्रम से साफ संकेत मिल रहा है कि जदयू में अनुशासन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। साथ ही, यह भी माना जा रहा है कि पार्टी लाइन से हटने वाले नेताओं के लिए आने वाले समय में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बिहार की राजनीति में यह टकराव अब एक नए मोड़ की ओर बढ़ता दिख रहा है।

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