NEWS PR डेस्क: पटना, 31 मार्च। बिहार सरकार ने राज्यभर में अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का फैसला लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए 1 अप्रैल 2026 से विशेष अभियान शुरू करने का आदेश दिया है।
उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि शहरी सौंदर्यीकरण और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस अभियान को सख्ती के साथ-साथ संवेदनशीलता से लागू करेगी, ताकि गरीबों की आजीविका प्रभावित न हो।
प्रधान सचिव सीके अनिल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पटना हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन भी अनिवार्य बताया गया है।
सरकार ने खास तौर पर भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों के ‘नो मैन्स लैंड’ में हो रहे अतिक्रमण को गंभीर मुद्दा मानते हुए वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन क्षेत्रों में सीमांकन के लिए सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण भी चलाया जा रहा है।
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि गरीब और असहाय लोगों को बिना पुनर्वास के हटाया नहीं जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वेंडिंग जोन या वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही कार्रवाई की जाए।
अभियान के दौरान जिलाधिकारियों की भूमिका को लेकर भी स्पष्टता दी गई है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई मुख्य रूप से अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी स्तर के अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
इसके अलावा, सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड तैयार करने, नोटिस और कार्रवाई की स्थिति का नियमित संधारण करने तथा मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि यह अभियान न सिर्फ अतिक्रमण हटाने बल्कि शहरों को व्यवस्थित, स्वच्छ और सुचारू बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।