NEWS PR डेस्क: पटना, 1 अप्रैल। बिहार में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रहण के मामले में वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वाणिज्य कर विभाग के अनुसार इस अवधि में राज्य ने ₹32,801.35 करोड़ का जीएसटी संग्रह किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 11.67 प्रतिशत अधिक है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, आईजीएसटी (IGST) समायोजन के बाद राज्य का शुद्ध जीएसटी संग्रह ₹32,077.22 करोड़ रहा, जो 9.20 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। अधिकारियों ने बताया कि यह बढ़ोतरी कर प्रशासन में सुधार, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और तकनीकी उपायों के बेहतर उपयोग का परिणाम है।
प्रावधिक आंकड़ों के अनुसार, बिहार ने बड़े राज्यों की श्रेणी में कुल जीएसटी संग्रहण वृद्धि दर के आधार पर चौथा स्थान हासिल किया है, जो राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। मार्च 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो एसजीएसटी और आईजीएसटी समायोजन के साथ बिहार की वृद्धि दर 13 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत 5 प्रतिशत से काफी अधिक है। वहीं नकद संग्रहण के आधार पर राज्य ने 10.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय औसत 6.40 प्रतिशत रहा।
जीएसटी और गैर-जीएसटी को मिलाकर राज्य का कुल कर संग्रहण वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹43,324.79 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.09 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा निर्धारित ₹46,500 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने 93.17 प्रतिशत संग्रहण ही हासिल किया।
अधिकारियों के अनुसार, ई-वे बिल विश्लेषण, डेटा एनालिटिक्स आधारित निगरानी, जोखिम आधारित जांच और करदाताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने से कर आधार में विस्तार हुआ है और राजस्व संग्रहण में स्थायी वृद्धि देखने को मिली है। विभाग ने आने वाले वित्तीय वर्ष में कर प्रणाली को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ करदाताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने का भी भरोसा जताया है।