बिहार बनेगा पूर्वी भारत का टेक हब, श्रेयसी सिंह ने अश्विनी वैष्णव से की महत्वपूर्ण वार्ता

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 4 अप्रैल 2026। बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में सूचना प्रावैधिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर आईटी सेक्टर के विकास, निवेश आकर्षण और डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की।

नई दिल्ली में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार के आईटी इकोसिस्टम को सशक्त बनाने, तकनीकी निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान राज्य सरकार की प्रमुख नीतियों—Bihar IT Policy 2024, Bihar GCC Policy 2026 और Bihar Semiconductor Policy 2026—के प्रावधानों को विस्तार से रखा गया। इन नीतियों के जरिए बिहार को निवेशकों के लिए एक प्रतिस्पर्धी और उद्योग-अनुकूल गंतव्य बनाने का लक्ष्य है।

मंत्री श्रेयसी सिंह ने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि पटना स्थित IIT में रिसर्च पार्क और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन (फेज-II) की स्थापना की योजना पर काम चल रहा है। इसके साथ ही राज्य में मेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना और गया के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संबंधित विनिर्माण इकाइयों के विकास की दिशा में भी पहल की जा रही है। इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया गया।

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बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि राज्य के तकनीकी और शैक्षणिक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए, ताकि युवाओं की कौशल क्षमता को नई तकनीकों के अनुरूप विकसित किया जा सके। इसके अलावा विभिन्न संभागों में STPI और NIELIT केंद्रों के विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया गया, जिससे आईटी सेक्टर का क्षेत्रीय संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

आईटी, आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से निवेश लीड्स उपलब्ध कराने, एंकर कंपनियों को प्रोत्साहित करने और Viability Gap Funding (VGF) प्रदान करने का आग्रह किया। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार निवेशकों को भूमि, निर्बाध बिजली आपूर्ति, आधुनिक आधारभूत ढांचा और सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार की संभावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में युवाओं की बड़ी संख्या और तेजी से विकसित हो रहा तकनीकी वातावरण इसे आईटी निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बनाता है। उन्होंने राज्य सरकार को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से बिहार जल्द ही पूर्वी भारत के प्रमुख टेक हब के रूप में स्थापित होगा। इससे न केवल डिजिटल परिवर्तन को गति मिलेगी, बल्कि स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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