NEWS PR डेस्क: पटना/बिहटा, 13 अप्रैल। बिहार अब पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में बिहटा के सिकंदरपुर में एक अत्याधुनिक डेटा सेंटर और कॉल सेंटर हब स्थापित करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। करीब 50.75 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना राज्य में डिजिटल इकोनॉमी को नई गति देने वाली मानी जा रही है।
यह यूनिट संजीवनी मीडिया एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित की जाएगी, जिसके लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया BIADA के माध्यम से शुरू कर दी गई है। परियोजना के शुरू होने के बाद यहां बड़े पैमाने पर डेटा स्टोरेज, कॉल सेंटर संचालन और डिजिटल प्रोसेसिंग से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
रोजगार और अवसर का नया केंद्र
इस प्रोजेक्ट के जरिए करीब 450 युवाओं को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि यह अवसर उन छात्रों के लिए बेहद अहम साबित होगा जो राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों से आईटी, कंप्यूटर साइंस और एनिमेशन जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई कर रहे हैं। अब उन्हें करियर के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
फिल्म इंडस्ट्री को भी मिलेगा बूस्ट
इस यूनिट में फिल्म एडिटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन की आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। अभी तक बिहार के फिल्म निर्माताओं को इन कामों के लिए मुंबई या दिल्ली जाना पड़ता था, जिससे लागत बढ़ जाती थी। बिहटा में यह सुविधा उपलब्ध होने से न केवल खर्च कम होगा, बल्कि क्षेत्रीय फिल्म उद्योग को भी नई पहचान मिलने की संभावना है।
‘ब्रेन ड्रेन’ रोकने की दिशा में बड़ा कदम
उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल के अनुसार, यह प्रोजेक्ट बिहार में ‘ब्रेन ड्रेन’ को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य को टेक्सटाइल और लेदर के साथ-साथ आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी अग्रणी बनाना है।
बदलता बिहार, बढ़ती संभावनाएं
बिहटा का यह डिजिटल हब न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि बिहार को एक उभरते टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। आने वाले समय में यह क्षेत्र निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन सकता है।