NEWS PR डेस्क: पटना, 26 अप्रैल। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं के कथित रूप से बीजेपी के संपर्क में होने की चर्चाओं के बीच अब नजरें बिहार कांग्रेस पर टिक गई हैं। सवाल उठने लगे हैं कि क्या बिहार कांग्रेस के विधायक भी पाला बदल सकते हैं?
दरअसल, इस अटकलों को हवा तब मिली जब कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इसके अगले ही दिन कांग्रेस के एमएलसी समीर कुमार सिंह भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और उनसे मुलाकात की। इन लगातार मुलाकातों ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।
हालांकि, इन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश करते हुए समीर कुमार सिंह ने साफ कहा कि पार्टी के भीतर ऐसी किसी चर्चा की उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिए ही इस तरह की बातें सुनने को मिल रही हैं और फिलहाल इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
गौरतलब है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा था और पार्टी सिर्फ छह सीटों पर सिमट गई थी। इसके बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष और टूट की आशंकाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।
हाल ही में राज्यसभा चुनाव के दौरान भी महागठबंधन को झटका लगा था, जब कांग्रेस के तीन विधायक मतदान से अनुपस्थित रहे थे। इसके चलते अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा, जबकि एनडीए के सभी उम्मीदवार जीतने में सफल रहे।
ऐसे में कांग्रेस नेताओं की मुख्यमंत्री से मुलाकात को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी फिलहाल किसी भी तरह की टूट से इनकार कर रही है, लेकिन सियासी हलकों में कयासों का बाजार गर्म है। आने वाले दिनों में यह साफ हो पाएगा कि ये मुलाकातें महज शिष्टाचार थीं या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संकेत छिपा है।