बिहार की राजनीति में कैबिनेट विस्तार से पहले बड़ा सियासी हलचल का माहौल बन गया है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार में निशांत कुमार को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है हालांकि अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, जदयू नेताओं की देर रात चली अहम बैठक के बाद निशांत कुमार को सरकार में शामिल करने को लेकर सहमति बनती दिख रही है। बताया जा रहा है कि पहले वे सक्रिय राजनीति और किसी भी पद को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और करीबी लोगों की लंबी बातचीत के बाद उनके रुख में बदलाव आया है।

इसी बीच आज दिल्ली से जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह समेत अन्य नेता पटना लौट रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके साथ अंतिम चर्चा के बाद इस पर औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। फिलहाल निशांत कुमार बिहार यात्रा पर हैं और राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहते आए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले भी संकेत दिए थे कि यदि निशांत कुमार कैबिनेट में शामिल होते हैं तो उन्हें खुशी होगी। इससे पहले 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद जदयू के दो नेताओं ने उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी।

सूत्रों के अनुसार, 7 मई को गांधी मैदान में प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार में 27 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है, जिसमें भाजपा, जदयू और अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके साथ ही भविष्य की राजनीतिक रणनीति को देखते हुए कुछ सीटें खाली रखने पर भी विचार किया जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या निशांत कुमार वास्तव में बिहार कैबिनेट का हिस्सा बनते हैं या यह सिर्फ राजनीतिक अटकलें साबित होती हैं।